मुख्य तथ्य
हरियाणा सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की लंबित मांगों को स्वीकार कर लिया है। यह निर्णय पंचकूला और भिवानी में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद लिया गया। प्रदर्शन का आयोजन सीआईटीयू से संबद्ध आंगनवाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन हरियाणा ने किया था। भिवानी में कार्यकर्ताओं ने महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी के समक्ष प्रदर्शन किया।
वार्ता का विवरण
प्रदर्शन के बाद, यूनियन के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंचकूला में सिंचाई विभाग मुख्यालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव शेखर विद्यार्थी की अध्यक्षता में सरकार के साथ लगभग तीन घंटे की बैठक की। वार्ता में यूनियन के 16 सूत्रीय मांग पत्र पर चर्चा हुई।
सरकार की सहमति
यूनियन के अनुसार, सरकार ने कई प्रमुख मांगों पर सहमति जताई:
- ग्रेच्युटी भुगतान: 2022 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्ताव प्रक्रिया में है और जल्द स्वीकृत होने की संभावना है।
- मानदेय जारी करना: हड़ताल के दौरान बर्खास्त किए गए कर्मचारियों का रोका गया मानदेय 30 जून तक जारी कर दिया जाएगा।
- पदोन्नति सूची: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पदोन्नति सूची में शामिल किया जाता रहेगा।
- मामले वापस: गुरुग्राम, चरखी दादरी और अन्य जिलों में प्रदर्शनों के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए गए हैं। राज्य सरकार इस संबंध में औपचारिक पत्र जारी करेगी।
कार्यान्वयन का आश्वासन
अतिरिक्त मुख्य सचिव विद्यार्थी ने यूनियन को आश्वासन दिया कि सभी स्वीकृत मांगों को निर्धारित समय सीमा में लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यान्वयन में लापरवाही बरतने वाले स्थानीय अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
यूनियन की प्रतिक्रिया और आगे की योजना
यूनियन ने वार्ता को बेहद सकारात्मक बताया। हालांकि, न्यूनतम मजदूरी 26,000 रुपये, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को कक्षा-3 कर्मचारी और सहायिकाओं को कक्षा-4 कर्मचारी का दर्जा देने जैसी अन्य लंबित मांगों के लिए दबाव बनाने हेतु 10 जुलाई को केंद्र सरकार के खिलाफ 'डिमांड डे' मनाया जाएगा। 10 अगस्त को हरियाणा भर के सभी 48,000 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं जिला मुख्यालयों पर 'जेल भरो' आंदोलन करेंगी और गिरफ्तारी देंगी।
पृष्ठभूमि
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। उनकी प्रमुख मांगों में न्यूनतम मजदूरी, नियमितीकरण और बेहतर कार्य स्थितियां शामिल हैं।
FAQ
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगें क्या थीं?
मुख्य मांगों में ग्रेच्युटी भुगतान, न्यूनतम मजदूरी 26,000 रुपये, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को कक्षा-3 कर्मचारी और सहायिकाओं को कक्षा-4 कर्मचारी का दर्जा देना शामिल था।
हरियाणा सरकार ने किन मांगों को माना?
सरकार ने ग्रेच्युटी भुगतान, हड़ताल के दौरान रोके गए मानदेय को 30 जून तक जारी करने, और प्रदर्शनों में दर्ज मामलों को वापस लेने पर सहमति जताई।
आगे की कार्रवाई क्या होगी?
यूनियन 10 जुलाई को केंद्र सरकार के खिलाफ 'डिमांड डे' मनाएगी और 10 अगस्त को सभी 48,000 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं 'जेल भरो' आंदोलन करेंगी।
स्रोत: www.thehindu.com