मुख्य तथ्य
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ओमान तट पर एक पलाऊ-ध्वजांकित तेल टैंकर पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई। गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने गुरुवार (11 जून 2026) को दैनिक प्रेस ब्रीफिंग में यह जानकारी दी।
हमले का विवरण
बुधवार (10 जून) को अमेरिकी सेना ने पलाऊ-ध्वजांकित टैंकर सेट्टेबेलो पर हमला किया, जिसमें सवार 24 भारतीय नाविकों में से तीन की मौत हो गई। इससे पहले 8 जून को एक अन्य पलाऊ-ध्वजांकित टैंकर मारीवेक्स को निशाना बनाया गया था, जिसमें 24 भारतीय सवार थे, लेकिन सभी को सुरक्षित बचा लिया गया। गुरुवार को गिनी-बिसाऊ ध्वजांकित टैंकर जलवीर पर भी हमला हुआ, जिसमें 20 भारतीय सवार थे।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के महासचिव अर्सेनियो डोमिंग्वेज ने इस हमले की 'गहरी उदासी' और 'कड़ी निंदा' व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। मेरी संवेदनाएं तीन नाविकों के परिवारों के साथ हैं।' IMO ने नाविकों और नागरिक शिपिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शी जांच की मांग की।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी प्रभारी राजदूत जेसन मीक्स को तलब कर विरोध ज्ञापन सौंपा। मंत्रालय ने इन हमलों को 'गहराई से चिंताजनक' बताया और स्पष्ट किया कि तीनों हमले अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए।
क्षेत्रीय स्थिति
गुटेरेस ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त की, जिसमें अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले और ईरान द्वारा पड़ोसी देशों पर हमले शामिल हैं। उन्होंने सभी पक्षों से युद्धविराम का पालन करने और बातचीत के माध्यम से शांति समझौते की ओर बढ़ने का आह्वान किया।
FAQ
हमले में कितने भारतीय नाविक मारे गए?
तीन भारतीय नाविक मारे गए, जो पलाऊ-ध्वजांकित टैंकर सेट्टेबेलो पर सवार थे।
हमला कहाँ हुआ?
हमला ओमान तट के पास, होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट हुआ।
भारत सरकार ने क्या कदम उठाया?
भारत के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी प्रभारी राजदूत को तलब कर विरोध ज्ञापन सौंपा।