मुख्य तथ्य
हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति निगम (एससी एसटी कॉर्पोरेशन) ने पिछले चार माह में 220 डिफाल्टरों को राजस्व अदालत में पेश होने का नोटिस जारी किया है। ये डिफाल्टर नाहन, किन्नौर, सोलन, कुल्लू, मंडी और अन्य जिलों से हैं। कई अदालती आदेशों के बावजूद ये लोन की राशि नहीं चुका रहे हैं।
विस्तृत जानकारी
निगम ने इस वर्ष डिफाल्टरों से दो करोड़ रुपये की रिकवरी का लक्ष्य रखा है, लेकिन लोन न चुकाने की प्रवृत्ति लक्ष्य पूरा करने में बाधा बन रही है। हाल ही में बिलासपुर जिले के 28 डिफाल्टरों को भी नोटिस जारी किए गए हैं, जिन पर निगम का लाखों रुपये का ऋण फंसा है।
निगम ने अब तक लगभग 550 ऋण धारकों को डिफाल्टर घोषित किया है, जिनके पास कुल मिलाकर लगभग 10 करोड़ रुपये का ऋण अटका है। नोटिस जारी किए गए 220 डिफाल्टरों के पास लगभग दो करोड़ रुपये का ऋण है, लेकिन अदालतों में पेशी के बाद भी निगम इनसे 10 लाख रुपये भी वसूल नहीं कर पाया है।
प्रभाव और आगे की कार्रवाई
निगम के प्रबंध निदेशक राहुल जैन के अनुसार, निगम ऋण चुकाने के लिए कई मौके देता है, लेकिन बीच के कुछ वर्षों में रिकवरी नहीं होने के कारण ब्याज सहित राशि काफी बढ़ गई है। निगम धीरे-धीरे वसूली का प्रयास कर रहा है। यदि डिफाल्टर पैसा नहीं चुकाएंगे, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
- यदि आपने एससी एसटी कॉर्पोरेशन से लोन लिया है और चुकाने में असमर्थ हैं, तो तुरंत निगम से संपर्क करें और किस्त योजना पर बातचीत करें।
- डिफाल्टरों की सूची में शामिल होने से बचने के लिए समय पर किस्त जमा करें।
- निगम द्वारा जारी नोटिस को गंभीरता से लें और अदालत में उपस्थित हों, अन्यथा गिरफ्तारी वारंट जारी हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एससी एसटी कॉर्पोरेशन ने कितने डिफाल्टरों को नोटिस जारी किए हैं?
पिछले चार माह में 220 डिफाल्टरों को राजस्व अदालत में पेश होने का नोटिस जारी किया गया है।
डिफाल्टरों पर कितना लोन बकाया है?
नोटिस जारी किए गए 220 डिफाल्टरों के पास लगभग दो करोड़ रुपये का ऋण अटका है। कुल 550 डिफाल्टरों पर करीब 10 करोड़ रुपये बकाया हैं।
निगम ने इस वर्ष कितनी रिकवरी का लक्ष्य रखा है?
निगम ने इस वर्ष डिफाल्टरों से दो करोड़ रुपये की रिकवरी का लक्ष्य रखा है।
यदि डिफाल्टर पैसा नहीं चुकाएंगे तो क्या होगा?
प्रबंध निदेशक के अनुसार, यदि डिफाल्टर पैसा नहीं चुकाएंगे तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा।