मुख्य तथ्य
हिमाचल प्रदेश में पिछले सात वर्षों में महिलाओं की शिक्षा और रोजगार में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। एक नए शोध के अनुसार, राज्य में महिला श्रम भागीदारी दर (FLPR) 2017-18 में 53.8 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 73.9 प्रतिशत हो गई। वहीं, महिला साक्षरता दर 80.1 प्रतिशत से बढ़कर 83.1 प्रतिशत पहुंच गई। यह अध्ययन 'द एजुकेशन-एम्प्लॉयमेंट नेक्सस: इंटर-स्टेट वेरिएशंस ऑन फीमेल लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन इन इंडिया (2017-2024)' शीर्षक से प्रकाशित हुआ है।
शोध का विवरण
यह शोध हरियाणा के भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां (सोनीपत) के अर्थशास्त्र विभाग में शोधार्थी विधि जैन और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अंजू रानी द्वारा किया गया। यह इंटरनेशनल जर्नल फॉर रिसर्च पब्लिकेशन एंड सेमिनार में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में हिमाचल की तुलना हरियाणा और अखिल भारतीय स्तर से की गई है।
हिमाचल बनाम हरियाणा
हरियाणा में महिला श्रम भागीदारी दर 2017-18 में मात्र 16 प्रतिशत थी, जो 2023-24 में बढ़कर 27.7 प्रतिशत हुई। इसके विपरीत, हिमाचल ने 53.8 प्रतिशत से 73.9 प्रतिशत तक की छलांग लगाई। हिमाचल का लैंगिक समानता सूचकांक (GPI) भी 2017-18 में 1.28 से सुधरकर 2018-19 के बाद 1.3 से अधिक रहा, जो शिक्षा में लैंगिक अंतर कम होने का संकेत है।
सुधार के कारण
शोध में बताया गया है कि महिला शिक्षा, कौशल विकास और बेहतर रोजगार अवसर इस बदलाव के प्रमुख कारण हैं। राज्य में लड़कियों की स्कूल और उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। कौशल विकास कार्यक्रमों और व्यावसायिक प्रशिक्षण ने महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर प्रदान किए हैं।
विशेषज्ञ की राय
आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के आर्थिक सलाहकार विनोद राणा ने कहा, 'मैं भी इस बारे में अध्ययन कर रहा हूं।' उन्होंने शिक्षा और रोजगार के बीच संबंध को महत्वपूर्ण बताया।
FAQ
हिमाचल में महिला श्रम भागीदारी दर कितनी बढ़ी?
2017-18 में 53.8% से बढ़कर 2023-24 में 73.9% हो गई।
महिला साक्षरता दर में कितना सुधार हुआ?
80.1% से बढ़कर 83.1% हो गई।
यह शोध किसने किया?
विधि जैन और डॉ. अंजू रानी ने भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, हरियाणा में।