मुख्य तथ्य
जम्मू-कश्मीर में सरकारी पुस्तकालयों में मिलीं विवादित पुस्तकों के मामले में काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट ने तीन प्रकाशकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जम्मू और दिल्ली में समन्वित अभियानों के बाद की गई। जांच में पुस्तकों में 'अत्यधिक अनुचित सामग्री' पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है।
विस्तृत जानकारी
काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट ने 4 जुलाई 2026 को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 13 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। यह कार्रवाई उन दो पुस्तकों के बाद हुई जो सरकारी पुस्तकालयों में पाई गईं और जिनमें कथित तौर पर अलगाववादी नेताओं का महिमामंडन किया गया था।
पहली पुस्तक 'पर्सनैलिटीज़ एंड लीजेंड्स ऑफ जे-के' का प्रकाशन जम्मू स्थित ओबेरॉय बुक सर्विस ने किया है, जबकि दूसरी पुस्तक 'ग्रेट पर्सनैलिटीज़ ऑफ जम्मू एंड कश्मीर' दिल्ली स्थित अनुराग प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गई है। गिरफ्तार प्रकाशकों में ओबेरॉय बुक सर्विस के इंदरपाल और नोएडा स्थित डॉमिनेंट पब्लिशर्स के अमरदीप सिंह और गिरीश अरोड़ा शामिल हैं।
प्रभाव और सरकारी कार्रवाई
इस मामले ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। भाजपा, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों ने आपत्ति जताई थी कि पुस्तकों में अलगाववाद को बढ़ावा दिया गया है। 11 जुलाई 2026 को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्कूल शिक्षा विभाग के आठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया, एक अनुबंधित कर्मचारी को बर्खास्त किया और जांच के आदेश दिए। शिक्षा विभाग ने 3 जुलाई को ही दोनों पुस्तकों को वापस ले लिया था।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- पुस्तकों की 123 प्रतियां जम्मू, रामबन और उधमपुर जिलों में वितरित की गई थीं।
- दूसरी पुस्तक की 128 प्रतियां जम्मू और बारामूला जिलों में भेजी गई थीं।
- ओबेरॉय बुक सर्विस और डॉमिनेंट पब्लिशर्स को पहले भी सरकार द्वारा ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है।
- जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विवादित पुस्तकों के नाम क्या हैं?
पहली पुस्तक 'पर्सनैलिटीज़ एंड लीजेंड्स ऑफ जे-के' (लेखक: हिलाल अहमद और संतोष मीणा) और दूसरी 'ग्रेट पर्सनैलिटीज़ ऑफ जम्मू एंड कश्मीर' (लेखक: सुशांत गिरि) है।
गिरफ्तार प्रकाशकों के नाम क्या हैं?
इंदरपाल (ओबेरॉय बुक सर्विस), अमरदीप सिंह और गिरीश अरोड़ा (डॉमिनेंट पब्लिशर्स) गिरफ्तार किए गए हैं।
कितनी प्रतियां वितरित की गई थीं?
एक पुस्तक की 123 प्रतियां जम्मू, रामबन और उधमपुर जिलों में, जबकि दूसरी की 128 प्रतियां जम्मू और बारामूला जिलों में भेजी गई थीं।
राज्यपाल मनोज सिन्हा ने क्या कार्रवाई की?
राज्यपाल ने आठ शिक्षा अधिकारियों को निलंबित किया, एक अनुबंधित कर्मचारी को बर्खास्त किया और जांच के आदेश दिए।