मुख्य तथ्य
केरल हाईकोर्ट ने तीन CBSE कक्षा 12 के छात्रों, जिनमें से एक UAE से है, को KEAM पोर्टल पर अपने पुनर्मूल्यांकित अंक अपलोड करने की अनुमति दी। कोर्ट ने कहा कि उनका प्रवेश संशोधित रैंक सूची के आधार पर दूसरे आवंटन दौर से माना जाएगा।
विस्तार से जानकारी
छात्रों ने याचिका दायर कर कहा था कि यदि उनके पुनर्मूल्यांकित अंकों पर विचार किया जाता, तो उनकी रैंक में काफी सुधार होता। उन्होंने आरोप लगाया कि CBSE द्वारा पुनर्मूल्यांकित परिणाम KEAM रैंक सूची (27 जून को प्रकाशित) के बाद जारी किए गए, जिससे वे अपनी पात्र रैंक से वंचित रह गए।
राज्य सरकार ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि रैंक सूची प्रकाशन की तारीख दो बार बदली जा चुकी है और अंतिम रैंक सूची 27 जून को जारी की गई। सरकार ने तर्क दिया कि आवंटन प्रक्रिया 8 जुलाई से शुरू हो चुकी है और रैंक सूची में हस्तक्षेप से प्रवेश प्रक्रिया अस्त-व्यस्त हो जाएगी।
अदालत का निर्णय और प्रभाव
हाईकोर्ट ने सरकार से असहमत होते हुए कहा कि यह मामला 'असाधारण' है और 'असाधारण परिस्थितियों में असाधारण उपायों की आवश्यकता होती है'। कोर्ट ने पाया कि CBSE उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कई खामियां थीं, जिनमें स्वैप की गई उत्तर पुस्तिकाएं और धुंधली स्कैन की गई पृष्ठ शामिल हैं, जो छात्रों की गलती नहीं थी।
कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को राहत दी जानी चाहिए, लेकिन चूंकि आवंटन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, इसलिए राहत इस तरह दी जाए कि चल रही प्रक्रिया प्रभावित न हो। अदालत ने निर्देश दिया कि तीनों याचिकाकर्ता 13 जुलाई दोपहर 12:30 बजे तक अपने पुनर्मूल्यांकित अंक अपलोड करें और दूसरे आवंटन से पहले रैंक सूची संशोधित की जाए।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- यह निर्णय केवल तीन छात्रों पर लागू होता है; किसी अन्य को पुनर्मूल्यांकित अंक अपलोड करने की अनुमति नहीं है।
- पहले आवंटन दौर में इन छात्रों को कोई लाभ नहीं मिलेगा; उनका प्रवेश दूसरे दौर से माना जाएगा।
- यह मामला CBSE मूल्यांकन प्रणाली में खामियों को उजागर करता है, जिससे भविष्य में सुधार की उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
केरल हाईकोर्ट ने कितने छात्रों को राहत दी?
कोर्ट ने तीन CBSE कक्षा 12 के छात्रों को KEAM पोर्टल पर पुनर्मूल्यांकित अंक अपलोड करने की अनुमति दी।
पुनर्मूल्यांकित अंकों के आधार पर रैंक सूची कब संशोधित होगी?
रैंक सूची को दूसरे आवंटन दौर से पहले संशोधित किया जाएगा, और पहले दौर में कोई लाभ नहीं मिलेगा।
छात्रों ने क्या तर्क दिया?
छात्रों ने कहा कि CBSE द्वारा पुनर्मूल्यांकित परिणाम KEAM रैंक सूची प्रकाशित होने के बाद जारी किए गए, जिससे उनकी रैंक प्रभावित हुई।