मुख्य तथ्य
NEET मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर उठे विवाद के बीच अब संसद की एक और समिति इस मामले की जांच करेगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी संसदीय स्थायी समिति 16 जुलाई को बैठक करेगी, जिसमें NEET परीक्षा के संचालन और स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत आने वाले नियामक संस्थानों की कार्यक्षमता की समीक्षा की जाएगी।
समिति की बैठक और एजेंडा
समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव की अध्यक्षता वाली यह समिति 16 जुलाई को 'स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत नियामक संस्थानों की संगठनात्मक संरचना, अधिदेश और कार्यात्मक दक्षता' के साथ-साथ 'NMC अधिनियम, 2019 के तहत NEET परीक्षाओं के संचालन' पर चर्चा करेगी। एक दिन पहले 15 जुलाई को समिति सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की सामर्थ्य और पहुंच पर अलग बैठक करेगी।
तीसरी संसदीय समिति बनी जांच का हिस्सा
यह NEET मुद्दे की जांच करने वाली तीसरी संसदीय समिति है। इससे पहले शिक्षा, महिला, बच्चे, युवा और खेल संबंधी संसदीय समिति तथा सरकारी आश्वासनों पर संसदीय समिति ने इस मामले की जांच की थी। दोनों समितियों ने स्वास्थ्य मंत्रालय, उच्च शिक्षा मंत्रालय, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA), राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) और CBI के वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया था। इनमें उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी, NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह और NMC के अध्यक्ष शामिल थे। चर्चा का केंद्र NTA को मजबूत करने और पेपर लीक रोकने के उपाय थे।
पेपर लीक मामला और दोबारा परीक्षा
NEET-UG परीक्षा मूल रूप से 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक की शिकायतों के बाद सरकार ने इसे रद्द कर दिया और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई। CBI इस मामले की जांच कर रही है।
NTA को संस्थागत स्वतंत्रता देने की सिफारिश
कांग्रेस सांसद मुकुल वासनिक की अध्यक्षता वाली समिति ने 1 जुलाई को NEET-UG पुनः परीक्षा के संचालन की समीक्षा की और NTA में संरचनात्मक सुधारों पर चर्चा की। समिति के सदस्यों ने NTA को वैधानिक दर्जा देने की वकालत की, ताकि परीक्षा निकाय को NEET-UG जैसी बड़ी परीक्षाओं के संचालन के लिए मजबूत कानूनी शक्तियां और संस्थागत स्वतंत्रता मिल सके।
पेपर लीक की परिभाषा पर सवाल
पहले की समिति ने NTA से 'पेपर लीक' की अपनी परिभाषा स्पष्ट करने को कहा था और पूछा था कि क्या 2018 से आयोजित परीक्षाओं में ऐसी घटनाएं हुई हैं। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, NTA अधिकारियों ने अपने सिस्टम से किसी लीक से इनकार किया, लेकिन दावा किया कि एक गेस पेपर के कुछ प्रश्न प्रसारित हुए थे।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- NEET परीक्षा से जुड़े नियामकों की कार्यक्षमता की जांच 16 जुलाई को होगी।
- यह तीसरी संसदीय समिति है जो NEET विवाद की जांच कर रही है।
- CBI पेपर लीक मामले की जांच कर रही है।
- NTA को मजबूत बनाने के लिए वैधानिक दर्जा देने की सिफारिश की गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
NEET परीक्षा विवाद में कौन सी संसदीय समिति जांच कर रही है?
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी संसदीय स्थायी समिति, जिसके अध्यक्ष समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव हैं, 16 जुलाई को NEET परीक्षा के संचालन और नियामक संस्थानों की कार्यक्षमता की जांच करेगी।
NEET परीक्षा में पेपर लीक की घटना कब हुई थी?
NEET-UG परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक की शिकायतों के बाद सरकार ने इसे रद्द कर दिया और 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई।
पेपर लीक मामले की जांच कौन कर रहा है?
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) NEET पेपर लीक मामले की जांच कर रहा है।
NTA को संसदीय समिति ने क्या सुझाव दिया है?
संसदीय समिति ने NTA को कानूनी रूप से मजबूत बनाने और उसे संस्थागत स्वतंत्रता देने की सिफारिश की है, ताकि वह NEET जैसी बड़ी परीक्षाओं का संचालन बेहतर ढंग से कर सके।