Himachal | Bilaspur

बिलासपुर: स्कूल में विद्यार्थियों ने रोपे फलदार और औषधीय पौधे, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन बिलासपुर जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऋषिकेश में एक विशेष पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण का…

पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन

बिलासपुर जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऋषिकेश में एक विशेष पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और हरित आवरण को बढ़ावा देना था।

रोपे गए पौधे और उनका महत्व

स्कूल परिसर में अर्जुन, अनार, बेल, करियाला जैसे फलदार और औषधीय पौधों का रोपण किया गया। ये पौधे न केवल पर्यावरण को लाभ पहुँचाते हैं बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी हैं। विद्यार्थियों ने पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लिया।

प्रधानाचार्य का संदेश

स्कूल के प्रधानाचार्य निर्मल सिंह चंदेला ने स्वयं पौधरोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा, "पेड़ मानव जीवन के लिए अमूल्य धरोहर हैं।" उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन और सहभागिता

कार्यक्रम का सफल संचालन प्रवक्ता वाणिज्य दीपक कुमार और इको क्लब प्रभारी के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने कहा, "फलदार एवं औषधीय पौधों का रोपण न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण और प्राकृतिक संसाधनों का उपहार देने का माध्यम है।" इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

पर्यावरण संरक्षण का संदेश

इस पौधरोपण कार्यक्रम ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। सभी ने मिलकर पौधरोपण को जन-आंदोलन बनाने और हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

  • प्रश्न: बिलासपुर में पौधरोपण कार्यक्रम कहाँ आयोजित हुआ?
    उत्तर: यह कार्यक्रम बिलासपुर जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऋषिकेश में आयोजित किया गया।
  • प्रश्न: पौधरोपण कार्यक्रम का उद्देश्य क्या था?
    उत्तर: कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था।
  • प्रश्न: किन पौधों का रोपण किया गया?
    उत्तर: अर्जुन, अनार, बेल, करियाला सहित अन्य फलदार और औषधीय पौधों का रोपण किया गया।
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