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Una News: खरयालता और डीहर पंचायतों में मक्की की फसल पर सुंडी का प्रकोप, किसान चिंतित

मक्की की फसल पर सुंडी का कहर ऊना जिले की खरयालता और डीहर पंचायतों में मक्की की फसल पर सुंडी (कैटरपिलर) के प्रकोप ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों के अनुसार, हर साल…

मक्की की फसल पर सुंडी का कहर

ऊना जिले की खरयालता और डीहर पंचायतों में मक्की की फसल पर सुंडी (कैटरपिलर) के प्रकोप ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों के अनुसार, हर साल मक्की की फसल इस कीट से प्रभावित होती है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिल पाया है।

किसानों की समस्या और मांग

कर्नल रघवीर सिंह, रणजीत सिंह, रोहन शर्मा, ओंकार दास, अजय कुमार, बलदेव सिंह, मदनलाल सहित कई किसानों ने बताया कि उनके खेतों में मक्की की फसल तेजी से सुंडी की चपेट में आ रही है, जिससे भारी नुकसान हो रहा है। किसानों का आरोप है कि कृषि विभाग द्वारा सुझाई गई दवाइयों का भी अपेक्षित असर नहीं हो रहा है, जिससे उनकी मेहनत और लागत दोनों बर्बाद हो रही हैं। उन्होंने सरकार और कृषि विभाग से मांग की है कि इस समस्या का वैज्ञानिक और स्थायी समाधान खोजा जाए, ताकि बार-बार होने वाले आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके।

विशेषज्ञ की सलाह और नियंत्रण के उपाय

पौध संरक्षण विशेषज्ञ बंगाणा सतपाल धीमान ने कहा कि वे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर किसानों को सुंडी की पहचान, नियंत्रण के उपाय और दवाइयों के सही एवं समय पर प्रयोग की जानकारी देंगे। उन्होंने किसानों से नियमित रूप से फसल का निरीक्षण करने और शुरुआती अवस्था में ही कीट नियंत्रण के उपाय अपनाने की अपील की।

प्रभावी नियंत्रण के लिए सुझाव

  • 5 मिलीलीटर कोराजिन को एक पंप (लगभग 15 लीटर पानी) में मिलाकर छिड़काव करें।
  • 20 दिन बाद दोबारा स्प्रे करें।
  • फसल चक्र अपनाएं: हर साल लगातार मक्की की खेती करने के बजाय अन्य फसलों की बुवाई करें, जिससे सुंडी का प्रकोप कम होगा।

किसानों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

किसानों को सलाह दी जाती है कि वे फसल की नियमित निगरानी करें और कीट के शुरुआती लक्षण दिखते ही नियंत्रण के उपाय अपनाएं। साथ ही, कृषि विशेषज्ञों के संपर्क में रहें और उनके दिशा-निर्देशों का पालन करें।

निष्कर्ष

खरयालता और डीहर पंचायतों में मक्की की फसल पर सुंडी का प्रकोप एक गंभीर समस्या है, जिसके लिए तत्काल और स्थायी समाधान की आवश्यकता है। किसानों की मांग है कि सरकार और कृषि विभाग वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुए इस समस्या का स्थायी हल निकालें, ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

मक्की की फसल में सुंडी के प्रकोप को कैसे नियंत्रित करें?

पौध संरक्षण विशेषज्ञ के अनुसार, 5 मिलीलीटर कोराजिन को 15 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें और 20 दिन बाद दोबारा स्प्रे करें। फसल चक्र अपनाने से भी प्रकोप कम होता है।

सुंडी के प्रकोप से प्रभावित क्षेत्र कौन से हैं?

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले की खरयालता और डीहर पंचायतों में मक्की की फसल सुंडी से प्रभावित हुई है।

किसानों ने क्या मांग की है?

किसानों ने सरकार और कृषि विभाग से मक्की की फसल को हर साल नुकसान पहुंचाने वाली इस समस्या का स्थायी और वैज्ञानिक समाधान मांगा है।

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