घटना का विवरण
केरल के एर्नाकुलम जिले के पेरुम्बावूर में तीन युवकों के साथ कथित तौर पर मारपीट और सार्वजनिक अपमान किए जाने की घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने गुरुवार (9 जुलाई, 2026) को इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया। यह घटना बुधवार (8 जुलाई, 2026) को कंदनथारा स्थित भाई कॉलोनी के पास हुई थी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साजिद सी.एस. (54), महिमकुट्टी के.पी. (42), शमीर पी.वी. (46), शरीफ के.ए. (54), रफीक मोइदीन (57) और अनवर के.ए. (50) के रूप में हुई है। ये सभी पेरुम्बावूर के निवासी हैं।
पीड़ितों पर क्या बीती?
पीड़ित युवकों में गोकुल दीपक (18, मारम्पिल्ली), अल्विन शाजी (20, कंदनथारा) और मुहम्मद अल्फास (20, मंजप्पेट्टी) शामिल हैं। आरोप है कि भीड़ ने इन युवकों को एक स्कूली छात्र को गांजा सप्लाई करने के संदेह में पीटा, कपड़े उतारे, सार्वजनिक रूप से अपमानित किया और जबरन बाल काट दिए। प्राथमिकी के अनुसार, पीड़ितों को एक सोडा फैक्ट्री के परिसर और अंदर ले जाकर सार्वजनिक 'मुकदमा' चलाया गया।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी सभा, अवैध रोक, जानबूझकर चोट पहुंचाना, गलत तरीके से कैद करना, आपराधिक बल का प्रयोग और आपराधिक धमकी जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया है।
बढ़ती निगरानी और स्वयंभू एंटी-ड्रग स्क्वॉड
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब केरल में नशीली दवाओं के खिलाफ पुलिस के अभियान 'ऑपरेशन तूफान' के बाद स्वयंभू एंटी-ड्रग स्क्वॉड और सोशल मीडिया पर प्रभावशाली लोगों द्वारा प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाकर 'छापेमारी' किए जाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। कई यूट्यूबर्स और ऑनलाइन इन्फ्लुएंसरों ने ऐसे वीडियो अपलोड किए हैं जिनमें वे प्रवासी मजदूरों से पूछताछ और तलाशी लेते दिखते हैं, और दावा करते हैं कि वे ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश कर रहे हैं। एक वीडियो में एक व्यक्ति को डंडा लेकर प्रवासी मजदूरों, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, को वेश्यावृत्ति के संदेह में धमकाते देखा गया।
पुलिस और स्थानीय प्रशासन का रुख
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निजी व्यक्तियों या समूहों को नशा-विरोधी अभियान के नाम पर कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "हमारे सामने ऐसे वीडियो आए हैं जिनमें निजी व्यक्ति प्रवासी मजदूरों की तलाशी लेते और उन्हें धमकाते दिख रहे हैं। नवीनतम मामले में, पीड़ित आगे आए और शिकायत दर्ज कराई क्योंकि वे स्थानीय निवासी हैं और अपने अधिकारों से अवगत हैं। अपने अधिकारों से अनजान प्रवासी मजदूर शायद ही कभी शिकायत दर्ज कराने आगे आते हैं।"
प्रवासी मजदूरों की आवाजाही वाले संडे मार्केट सहित वार्ड की पार्षद हयरुनिसा नसीर ने कहा कि स्थानीय निवासियों या अन्य लोगों द्वारा निगरानी के कृत्यों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- पेरुम्बावूर घटना में कितने लोग गिरफ्तार हुए? पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
- पीड़ित युवकों पर क्या आरोप लगाया गया? उन पर एक स्कूली छात्र को गांजा सप्लाई करने का आरोप लगाया गया था।
- पुलिस ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी? पुलिस ने कहा कि निजी व्यक्तियों को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और मजदूर अक्सर अपने अधिकारों से अनजान होते हैं।