मुख्य बदलाव
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तक का संशोधित संस्करण जारी किया है। इसमें विवादित न्यायपालिका अध्याय को हटाकर नया अध्याय जोड़ा गया है। साथ ही, भेदभाव की परिभाषा में आर्थिक पृष्ठभूमि को शामिल किया गया है और इतिहास के कुछ अध्यायों में बदलाव किए गए हैं।
भेदभाव की परिभाषा में बदलाव
पाठ्यपुस्तक में 'भेदभाव' की परिभाषा में अब आर्थिक पृष्ठभूमि को भी शामिल किया गया है। पुस्तक के अनुसार, "भेदभाव किसी व्यक्ति या समूह के साथ उनकी जाति, धर्म, जातीयता, विकलांगता, जाति, शारीरिक उपस्थिति, लिंग, यौन अभिविन्यास या आर्थिक पृष्ठभूमि के कारण दुर्व्यवहार करना है। यह न केवल अनैतिक है, बल्कि कानूनी रूप से भी निषिद्ध है।" यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब UGC के 2026 के नियमों में आर्थिक पृष्ठभूमि को संरक्षित श्रेणी के रूप में शामिल नहीं किया गया था, जिससे बहस छिड़ गई थी।
इतिहास अध्याय में संशोधन
इतिहास के अध्याय 'भारत का विभाजन' में भी बदलाव किए गए हैं। अब यह कहा गया है कि 1947 में विभाजन का व्यापक विरोध हुआ था, यहां तक कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भी इसका विरोध किया था। पहले के संस्करण में कहा गया था कि महात्मा गांधी और अधिकांश कांग्रेस नेताओं ने विभाजन का विरोध किया लेकिन अंततः इसे स्वीकार कर लिया। नए संस्करण में यह भी जोड़ा गया है कि वी.डी. सावरकर ने 1925 में स्वराज की मांग की थी। इसके अलावा, नेताजी सुभाष चंद्र बोस से संबंधित अनुभाग से एडॉल्फ हिटलर और नाजी विचारधारा के संदर्भ हटा दिए गए हैं। अब केवल इतना कहा गया है कि बोस ने ब्रिटिश विरोधी ताकतों से समर्थन मांगा।
न्यायपालिका अध्याय का विवाद और समाधान
फरवरी में कक्षा 8 की पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका पर एक अध्याय को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का उल्लेख था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और पुस्तक के प्रकाशन और वितरण पर रोक लगा दी। बाद में NCERT ने माफी मांगी और संशोधित संस्करण जारी किया। नए संस्करण में न्यायपालिका अध्याय को पूरी तरह से बदल दिया गया है, जिसमें अब जनहित याचिका (PIL), न्यायाधिकरण और वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र पर जोर दिया गया है। पुस्तक में स्वीकार किया गया है कि यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्रकाशित की गई है और अध्याय 4 को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति ने फिर से लिखा है।
अन्य बदलाव
संशोधित पुस्तक में विकास दल के सदस्यों की सूची में बदलाव किया गया है। पहले 51 सदस्य थे, अब 48 हैं। मिशेल डैनिनो, सुपर्णा दीवाकर और अलोक प्रसन्ना कुमार के नाम हटा दिए गए हैं, जिन्हें न्यायपालिका अध्याय के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था।
नई पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता
NCERT अधिकारियों के अनुसार, नए पाठ्यक्रम के अनुसार कक्षा 1 से 8 तक की सभी पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हैं। कक्षा 9 की दो पुस्तकों को छोड़कर बाकी सभी जारी कर दी गई हैं, और शेष दो अगस्त तक उपलब्ध होंगी। कक्षा 10 और 11 की नई पाठ्यपुस्तकें शैक्षणिक सत्र 2027-28 से शुरू होंगी, जबकि वर्तमान सत्र 2026-27 में पुरानी पुस्तकों का उपयोग जारी रहेगा।
FAQ
NCERT ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तक में क्या बदलाव किए हैं?
विवादित न्यायपालिका अध्याय हटाया गया, भेदभाव की परिभाषा में आर्थिक पृष्ठभूमि जोड़ी गई, विभाजन और नेताजी पर अनुभागों में संशोधन किया गया।
भेदभाव की परिभाषा में क्या नया जोड़ा गया है?
अब आर्थिक पृष्ठभूमि को भी भेदभाव का आधार बताया गया है, जो पहले शामिल नहीं था।
विवादित न्यायपालिका अध्याय का क्या हुआ?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उस अध्याय को हटाकर नया अध्याय लिखा गया है।
नई पाठ्यपुस्तकें कब उपलब्ध होंगी?
कक्षा 1-8 की सभी पुस्तकें उपलब्ध हैं, कक्षा 9 की दो पुस्तकें अगस्त तक आ जाएंगी। कक्षा 10-11 की नई पुस्तकें 2027-28 से लागू होंगी।