मुख्य बिंदु
तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) के अध्यक्ष बी. मणिकम टैगोर ने बुधवार को तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) को 'नष्ट' कर रही है। टैगोर ने कहा कि नागेंद्रन नेशनल हेराल्ड मामले को उठाते हैं, लेकिन MGNREGA में केंद्र-राज्य वित्तीय अनुपात बदलने और मेकेदातु बांध मुद्दे पर चुप हैं।
विवरण
एक बयान में टैगोर ने कहा कि नागेंद्रन को अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में दान के दुरुपयोग और तमिलनाडु के साथ वित्तीय अन्याय का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, 'केंद्र-राज्य वित्तपोषण अनुपात को 90:10 से 60:40 करके आप तमिलनाडु पर 5,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल रहे हैं, जबकि ग्रामीण गरीबों के अधिकारों से वंचित कर रहे हैं। यह योजना महात्मा गांधी को दूसरी बार मारने के समान है! क्या इसे आप 'सबके लिए विकास' कहते हैं?'
टैगोर ने आगे कहा, 'विशेष जांच दल (SIT) ने खुलासा किया है कि अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से प्रतिदिन 6-8 लाख रुपये का दान चोरी हो रहा था। क्या यह आपकी 'भ्रष्टाचार मुक्त' की परिभाषा है? आप द्वारका एक्सप्रेसवे परियोजना और आयुष्मान भारत योजना में CAG रिपोर्टों द्वारा उजागर अनियमितताओं पर चुप क्यों हैं?'
प्रभाव और प्रतिक्रिया
टैगोर ने कहा कि यह हास्यास्पद है कि नैनार नागेंद्रन, जो एक ऐसी पार्टी का नेतृत्व करते हैं जिसे तमिलनाडु की जनता ने पूरी तरह खारिज कर दिया है, उन्हें मेकेदातु मुद्दे पर TNCC के रुख का मजाक उड़ाने का साहस है। उन्होंने कहा, 'तमिलनाडु के लोग यह देखकर हंस रहे हैं। सभी जानते हैं कि चाहे कर्नाटक में कांग्रेस हो या भाजपा, कावेरी जल विवाद पर तमिलनाडु की आवाज को कभी उचित महत्व नहीं दिया गया। मुझे लगता है कि नैनार नागेंद्रन भूल गए हैं कि जब भाजपा कर्नाटक में सत्ता में थी, तब मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा और बसवराज बोम्मई ने बार-बार घोषणा की थी कि वे निश्चित रूप से मेकेदातु बांध का निर्माण करेंगे। तमिलनाडु के लोग यह नहीं भूले हैं कि येदियुरप्पा तमिलनाडु सीमा तक आकर मेकेदातु बांध के निर्माण की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करने आए थे।'
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
यह विवाद तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच कावेरी जल बंटवारे और MGNREGA जैसी केंद्रीय योजनाओं में बदलाव के व्यापक मुद्दों को उजागर करता है। MGNREGA में अनुपात बदलने से राज्यों पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा, जबकि मेकेदातु बांध तमिलनाडु के जल अधिकारों को प्रभावित कर सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- MGNREGA में केंद्र-राज्य वित्तीय अनुपात क्या बदला गया है? केंद्र सरकार ने MGNREGA के तहत केंद्र-राज्य वित्तीय अनुपात को 90:10 से बदलकर 60:40 कर दिया है, जिससे राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
- मेकेदातु बांध विवाद क्या है? मेकेदातु बांध कर्नाटक में कावेरी नदी पर प्रस्तावित एक परियोजना है, जिसका तमिलनाडु विरोध करता है क्योंकि इससे उसके जल अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
- अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में धन के दुरुपयोग का आरोप क्या है? विशेष जांच दल (SIT) ने खुलासा किया है कि अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में प्रतिदिन 6-8 लाख रुपये के दान की चोरी हो रही थी।