प्रमुख तथ्य
फिल्म 'आशिकी' (1990) को हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार प्रेम कहानियों में गिना जाता है। अब इसके तीन दशक बाद, फिल्मकार माहेश भट्ट की बेटी पूजा भट्ट ने खुलासा किया है कि यह ब्लॉकबस्टर उनके माता-पिता के निजी जीवन पर आधारित थी।
पूजा भट्ट का खुलासा
साइरस ब्रोचा के पॉडकास्ट पर बात करते हुए पूजा ने बताया कि 'आशिकी' उनके पिता माहेश भट्ट और मां लॉरेन ब्राइट (बाद में किरण भट्ट) की सच्ची प्रेम कहानी से प्रेरित थी। उन्होंने कहा, 'आशिकी मेरे माता-पिता की प्रेम कहानी पर आधारित थी। मेरी मां एक स्कॉटिश अनाथालय में थीं, और मेरे पिता उसके सामने वाली इमारत में रहते थे। उन्होंने उसे एक खेल दिवस के दौरान देखा, दीवार फांदकर मिलने गए और पकड़े गए।'
पूजा ने बताया कि इस घटना के बाद उनकी नानी बेटी बर्था ब्राइट ने कहा, 'सुनो, मैंने अभी अपनी सबसे छोटी बेटी को बोर्डिंग स्कूल में डाला है। अगर तुम इतने बड़े हो कि दीवार फांद सकते हो, तो उसकी देखभाल करने के लिए भी काफी बड़े हो।' इसके बाद लॉरेन को अनाथालय से निकाल दिया गया और माहेश भट्ट ने उनकी जिम्मेदारी ली।
पूजा ने आगे कहा, 'उसे स्कूल से निकाल दिया गया, और मेरे पिता ने इसे अपनी जिम्मेदारी समझा। वे उसे YWCA ले गए और एक फर्जी पत्र बनाया कि वह एक कामकाजी लड़की है ताकि वह वहां रह सके। उसे ग्रोवर वाइनयार्ड में नौकरी मिल गई। वह केवल दो बस रूट जानती थी—एक काम पर जाने के लिए और एक वापस आने के लिए।'
पूजा ने यह भी बताया कि माहेश और उनके भाई मुकेश भट्ट ने उन्हें 'आशिकी' में भूमिका की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने ठुकरा दिया क्योंकि उस समय उनके बॉयफ्रेंड को फिल्मों में काम करना मंजूर नहीं था।
माहेश भट्ट का संस्करण
पूजा के बयान से पहले, माहेश भट्ट ने पिछले साल पूजा के पॉडकास्ट पर भावुक होकर अपनी प्रेम कहानी सुनाई थी। उन्होंने कहा, 'मैं 16 साल का था, वह 14 साल की थी। वह एक अनाथालय में रहती थी। एक दिन मैंने बॉम्बे स्कॉटिश के गेट पर इस खूबसूरत लड़की को देखा। उसके बारे में कुछ ऐसा था जो मुझे अपनी ओर खींचता था।'
माहेश ने बताया कि उन्होंने एक दर्जी की मदद से लॉरेन को पत्र भेजे, जो स्कूल की वर्दी सिलता था। उन्होंने खून से पत्र लिखे और लॉरेन ने भी खून से जवाब दिया। दोनों एक खाली कक्षा में मिले, जहां लॉरेन ने चौकीदार को रिश्वत देकर स्कूल खुलवाया। माहेश ने कहा, 'उसने मेरा चेहरा देखने को कहा क्योंकि अंधेरा हो रहा था। मैंने एक माचिस जलाई जब तक वह बुझ नहीं गई। वह मेरी जिंदगी की सबसे खूबसूरत महिला थी।'
रिश्ता पकड़ा गया, दर्जी की नौकरी चली गई, और लॉरेन को स्कूल से निकाल दिया गया। माहेश ने अपने पिता के हस्ताक्षर जाली करके लॉरेन के लिए YWCA में रहने की व्यवस्था की, जहां उसने रिसेप्शनिस्ट और टेलीफोन ऑपरेटर का प्रशिक्षण लिया।
परवीन बाबी और सोनी रजदान का प्रसंग
माहेश भट्ट ने स्वीकार किया कि परवीन बाबी के साथ संबंध ने सब कुछ बदल दिया। उन्होंने कहा, 'मैं परीकथा प्रेम में विश्वास करता था, लेकिन फिर मैं परवीन बाबी के साथ रिश्ते में पड़ गया।' उन्होंने लॉरेन को इस बारे में बताया जब पूजा सो रही थी। बाद में वह सोनी रजदान से प्यार कर बैठे और उनसे शादी करने का फैसला किया। उन्होंने पहले पूजा को बताया, फिर लॉरेन को।
पूजा ने याद किया कि जब लोगों ने माहेश और सोनी की शादी की वैधता पर सवाल उठाए, तो उनकी मां लॉरेन ने उनका बचाव किया। उन्होंने कहा, 'किसने अनुमति दी? मैंने दी। उन्हें मेरा आशीर्वाद है।'
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
- 'आशिकी' फिल्म माहेश भट्ट और लॉरेन ब्राइट की सच्ची प्रेम कहानी पर आधारित है।
- माहेश भट्ट ने लॉरेन की देखभाल करने का वादा निभाया और आज भी उनका ख्याल रखते हैं।
- पूजा भट्ट ने अपने बॉयफ्रेंड के कारण 'आशिकी' में अभिनय करने से इनकार कर दिया था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या 'आशिकी' फिल्म सच्ची कहानी पर आधारित है?
हां, पूजा भट्ट के अनुसार 'आशिकी' उनके माता-पिता माहेश भट्ट और लॉरेन ब्राइट (किरण भट्ट) की सच्ची प्रेम कहानी पर आधारित है।
माहेश भट्ट और लॉरेन ब्राइट की मुलाकात कैसे हुई?
माहेश भट्ट ने लॉरेन को बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल के खेल दिवस में देखा, दीवार फांदकर मिले और पकड़े गए। इसके बाद लॉरेन को अनाथालय से निकाल दिया गया।
पूजा भट्ट ने 'आशिकी' में अभिनय क्यों नहीं किया?
पूजा भट्ट ने बताया कि उस समय उनके बॉयफ्रेंड को फिल्मों में काम करना मंजूर नहीं था, इसलिए उन्होंने यह भूमिका ठुकरा दी।