हमीरपुर में अधूरी सड़क से छात्रों को भारी परेशानी
हमीरपुर जिले के भरुआ सुमेरपुर कस्बे में नवनिर्मित केंद्रीय विद्यालय भवन तक पहुंचने वाली सड़क का निर्माण अधूरा होने से छात्र-छात्राओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार सुबह हुई हल्की बारिश के बाद मार्ग पर कीचड़ जमा हो गया, जिससे विद्यार्थियों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो गया।
क्या है पूरा मामला?
भरुआ सुमेरपुर में तपोभूमि के पास स्थित नए केंद्रीय विद्यालय भवन में इसी जुलाई से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हुई है। लेकिन विद्यालय के मुख्य द्वार तक पक्की सड़क का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो सका है। बारिश के बाद यह रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे छात्रों को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है।
अभिभावकों और प्रशासन की प्रतिक्रिया
अभिभावक जितेंद्र सिंह यादव, राकेश वर्मा, पप्पू पाठक, आशीष गुप्ता, देव सिंह यादव और शानू ने बताया कि मुख्य गेट तक पक्की सड़क का निर्माण शीघ्र कराया जाना चाहिए। वहीं, केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य राजमंगल यादव ने इसे गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि जिलाधिकारी को पत्र भेजकर सड़क निर्माण जल्द पूरा कराने का अनुरोध किया गया है।
छात्रों पर प्रभाव
अधूरी सड़क के कारण छात्रों को न केवल आवागमन में कठिनाई हो रही है, बल्कि बारिश के दिनों में उनके कपड़े और किताबें भी गीली हो जाती हैं। कई अभिभावकों ने चिंता जताई कि इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
आगे की राह
प्रशासन को उम्मीद है कि जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद सड़क निर्माण का काम जल्द पूरा हो जाएगा। तब तक छात्रों और अभिभावकों को इस समस्या से जूझना पड़ेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- केंद्रीय विद्यालय भरुआ सुमेरपुर में सड़क की समस्या क्यों है? नवनिर्मित विद्यालय भवन के मुख्य द्वार तक पक्की सड़क का निर्माण अधूरा है, जिससे बारिश के बाद रास्ता कीचड़ में बदल जाता है।
- इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए हैं? प्रधानाचार्य राजमंगल यादव ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर सड़क निर्माण जल्द पूरा करने का अनुरोध किया है।
- अभिभावकों की क्या मांग है? अभिभावकों ने मुख्य गेट तक पक्की सड़क के निर्माण की मांग की है ताकि छात्रों को आवागमन में सुविधा हो।