Shiksha | Iit

माँ बनी बेटे की कोचिंग पार्टनर: बिस्तर पर पड़े बेटे के लिए खुद पढ़ीं फिजिक्स-मैथ्स, iit में हुआ चयन

परिचय कोटा के कोचिंग सेंटरों में हजारों छात्र IIT के सपने संजोए पढ़ते हैं, लेकिन गुंजा की कहानी अलग है। वह न तो छात्रा थीं और न ही शिक्षिका। वह एक माँ थीं, जो अपने…

परिचय

कोटा के कोचिंग सेंटरों में हजारों छात्र IIT के सपने संजोए पढ़ते हैं, लेकिन गुंजा की कहानी अलग है। वह न तो छात्रा थीं और न ही शिक्षिका। वह एक माँ थीं, जो अपने बेटे गुंजन की ऑनलाइन क्लास में पीछे बैठकर नोट्स बनाती थीं, ताकि उनका बेटा बीमारी के बावजूद पढ़ाई जारी रख सके।

पृष्ठभूमि और चुनौतियाँ

गुंजन सीतामढ़ी, बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने 2023 में IIT की तैयारी के लिए कोटा का रुख किया। उनकी आँखों की रोशनी कम थी (9.5 पावर का चश्मा), जिससे पढ़ाई में दिक्कत होती थी। इसके अलावा, परीक्षा से कुछ महीने पहले उन्हें न्यूमोथोरैक्स (फेफड़े का संकुचन) हो गया, जिससे वे तीन महीने बिस्तर पर रहे।

माँ का साहसिक कदम

जब गुंजन बीमार थे, तब उनकी माँ गुंजा ने उनकी ऑनलाइन क्लास में भाग लेना शुरू किया। गुंजा के पास B.Ed की डिग्री है और उनकी पृष्ठभूमि ह्यूमैनिटीज की है, लेकिन उन्होंने फिजिक्स और मैथ्स जैसे कठिन विषयों को समझने की कोशिश की। वह क्लास में सवाल पूछती थीं और शाम को अपने नोट्स साफ-सुथरे लिखकर गुंजन को देती थीं।

गुंजन का संघर्ष और सफलता

गुंजन ने कहा, "मैंने सीखा कि सफलता केवल बुद्धिमत्ता से नहीं, बल्कि धैर्य, दृढ़ता और उन लोगों से मिलती है जो मुश्किल समय में आपके साथ खड़े रहते हैं।" 10 जून को IIT के परिणाम घोषित हुए और गुंजन का चयन हो गया। उनकी माँ गुंजा ने कहा, "कभी-कभी बस अपने बच्चे के साथ खड़े रहना और उन्हें आत्मविश्वास देना सबसे बड़ा अंतर ला सकता है।"

प्रभाव और सीख

यह कहानी दिखाती है कि माता-पिता का समर्थन किसी भी बाधा को पार कर सकता है। गुंजा का मानना है कि कोटा जैसी जगहों पर छात्रों को शैक्षणिक मार्गदर्शन के साथ-साथ भावनात्मक समर्थन की भी उतनी ही जरूरत है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

  • गुंजन की माँ ने उनकी पढ़ाई में कैसे मदद की? गुंजन की माँ गुंजा ने उनकी ऑनलाइन क्लास में बैठकर नोट्स बनाए और फिजिक्स-मैथ्स जैसे कठिन विषयों को समझकर उन्हें पढ़ाया।
  • गुंजन को किन स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा? गुंजन को आंखों की कमजोरी (9.5 पावर) और न्यूमोथोरैक्स (फेफड़े का संकुचन) हुआ, जिससे वे तीन महीने बिस्तर पर रहे।
  • गुंजन ने IIT की तैयारी कहाँ से की? गुंजन ने कोटा, राजस्थान से IIT की तैयारी की, जहाँ वे 2023 में सीतामढ़ी, बिहार से आए थे।
  • गुंजा का कोटा कोचिंग सिस्टम पर क्या कहना है? गुंजा का मानना है कि कोटा अनुशासित और प्रतिस्पर्धी है, लेकिन छात्रों को भावनात्मक समर्थन की भी उतनी ही जरूरत है।
Follow us on Google News

Explore more

Jawahar Navodaya Vidyalaya Paprola: Class 6 Admissions for Session 2027-28 Open, Apply by July 31

Key Facts Jawahar Navodaya Vidyalaya Samiti has invited online applications for admission to Class 6 for the academic session 2027-28. The Jawahar…

More on Shiksha from Himachal Pradesh

शिक्षकों पर वोटर लिस्ट का अतिरिक्त बोझ: शिक्षा विभाग की नई चिंता

शिक्षकों पर वोटर लिस्ट का अतिरिक्त बोझ हिमाचल प्रदेश में शिक्षकों को वोटर लिस्ट अपडेट करने के काम में लगाए जाने से…

HPU PhD Merit List Released: First Test Under New NEP Rules to Begin

Key Facts Himachal Pradesh University (HPU) in Shimla has released the merit list for PhD admissions for the academic session 2025-26, marking…

भारी बारिश के चलते शिवमोग्गा के होसनगर और सागर तालुक में स्कूल-कॉलेज बंद

मुख्य जानकारी कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में भारी बारिश के कारण प्रशासन ने होसनगर और सागर तालुक में स्कूलों और कॉलेजों में…