मुख्य जानकारी
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ अर्की इकाई ने सोमवार को अर्की के लोक निर्माण विश्राम गृह में एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक की अध्यक्षता महासंघ के प्रधान कृष्ण चंद्र शर्मा ने की, जिसमें क्षेत्र के सभी पेंशनरों ने भाग लिया और अपनी समस्याओं पर चर्चा की।
बैठक के प्रमुख बिंदु
- महासंघ के महासचिव अनिल शर्मा ने सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई।
- उन्होंने कहा कि 14 सूत्री मांगों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- 31 जुलाई तक मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन शुरू होगा।
पेंशनर्स का संदेश
अनिल शर्मा ने कहा, "अगर सरकार 31 जुलाई तक पेंशनर्स की सभी जायज मांगों को नहीं मानती, तो पेंशनर्स एक बार फिर आंदोलन की राह पकड़ने को मजबूर होंगे।" उन्होंने सरकार से समय रहते मांगों का निपटारा करने का आग्रह किया ताकि बुजुर्ग पेंशनर्स को सड़कों पर न उतरना पड़े।
जिला अध्यक्ष का बयान
जिला अध्यक्ष बाबूराम ठाकुर ने कहा, "हमारी संघर्ष समिति दिन-रात मेहनत कर रही है। उम्मीद है कि सरकार पेंशनर्स के योगदान को देखते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पेंशनर्स की मुख्य मांगें क्या हैं?
पेंशनर्स ने 14 सूत्री मांगें रखी हैं, जिनमें पेंशन बढ़ोतरी, महंगाई भत्ता और अन्य लंबित लाभ शामिल हैं।
आंदोलन की अंतिम तिथि क्या है?
महासंघ ने 31 जुलाई 2026 तक का समय दिया है। इसके बाद आंदोलन शुरू होगा।
बैठक कहां हुई?
बैठक सोलन जिले के अर्की में लोक निर्माण विश्राम गृह में हुई।