घटना का विवरण
महोबा जिले के शाहपहाड़ी मार्ग पर नहर पुलिया के पास 21 जून 2026 को एक अज्ञात शव मिला था। पुलिस ने शिनाख्त के बाद पुष्टि की कि मृतक ओमप्रकाश (उम्र लगभग 45 वर्ष) निवासी मोहल्ला फतेहपुर बजरिया था, जो ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
मृतक के बेटे प्रेम सिंह परिहार ने हत्या की तहरीर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। एसपी शशांक सिंह के निर्देश पर कोतवाली प्रभारी मनीष पांडेय के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने साक्ष्य जुटाकर 6 जुलाई 2026 को तीन नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया।
आरोपियों का बयान
पूछताछ में किशोरों ने बताया कि उन्होंने ओमप्रकाश का ई-रिक्शा बुक किया था। किराए को लेकर विवाद हुआ, जो मारपीट में बदल गया। हाथापाई के दौरान ओमप्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए थे।
बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ओमप्रकाश का आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड और एक कीपैड मोबाइल फोन बरामद किया। सभी आरोपियों को किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया गया।
FAQ
महोबा में ई-रिक्शा चालक की हत्या क्यों हुई?
किराए के विवाद में तीन नाबालिगों ने ई-रिक्शा चालक ओमप्रकाश की पीट-पीटकर हत्या कर दी।
हत्या के आरोपी कौन हैं?
तीन नाबालिग किशोर, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर किशोर न्याय बोर्ड भेज दिया है।
पुलिस ने क्या सबूत बरामद किए?
आरोपियों के पास से ओमप्रकाश का आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड और एक कीपैड मोबाइल फोन बरामद हुआ।
यह घटना कब हुई?
21 जून 2026 को शव मिला था, हत्या उसी दिन हुई थी। पुलिस ने 6 जुलाई 2026 को आरोपियों को गिरफ्तार किया।