मुख्य बातें
बिहार सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 15 जुलाई 2026 से हेलीकॉप्टर और फिक्स्ड-विंग विमान सेवा शुरू करने जा रही है। यह सेवा छह महीने के पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू की जाएगी, जिससे राजगीर, कैमूर और वाल्मीकिनगर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
विस्तार से जानकारी
बिहार कैबिनेट ने मुख्यमंत्री हेली-टूरिज्म और एयर टूरिज्म स्कीम, 2026 को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत सब्सिडी वाली हवाई सेवाएं शुरू की जाएंगी, जिससे प्रमुख धार्मिक, विरासत और वन्यजीव स्थलों तक यात्रा का समय कम होगा। इसके अलावा, सप्ताहांत में पटना शहर के ऊपर हेलीकॉप्टर जॉयराइड भी शुरू की जाएगी।
किराया और मार्ग
- पटना-राजगीर हेलीकॉप्टर सेवा: प्रति सीट 4,000 रुपये।
- पटना-वाल्मीकिनगर फिक्स्ड-विंग सेवा: प्रति सीट 5,000 रुपये। वाल्मीकिनगर बिहार का एकमात्र टाइगर रिजर्व है, जो भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है।
- पटना-माँ मुंडेश्वरी मंदिर (कैमूर) हेलीकॉप्टर सेवा: प्रति सीट 6,000 रुपये।
- पटना हेलीकॉप्टर जॉयराइड: 10 मिनट की उड़ान, प्रति सीट 2,100 रुपये। यह हर सप्ताहांत चार राउंड में उपलब्ध होगी, प्रति राउंड अधिकतम पांच यात्री।
प्रबंधन और संचालन
बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (BSTDC) बुकिंग, मार्केटिंग, रिफंड और टूरिज्म पैकेज संभालेगा, जबकि नागरिक उड्डयन निदेशालय उड़ान संचालन की देखरेख करेगा। विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय समिति परियोजना की निगरानी करेगी, और जिला प्रशासन हेलीपैड सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों के लिए जिम्मेदार होगा।
पर्यटन को बढ़ावा
यह हेली-टूरिज्म पहल बिहार में पर्यटन को आर्थिक गतिविधि के रूप में विस्तार देने के प्रयासों का हिस्सा है। हाल ही में राज्य सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए राज्य राजमार्गों पर टोल लगाने सहित कई उपायों की घोषणा की है।
सिंधु दर्शन योजना
कैबिनेट ने सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना को भी मंजूरी दी है। इसके तहत बिहार के स्थायी निवासी जो लेह-लद्दाख में सिंधु नदी के दर्शन के लिए यात्रा करेंगे, उन्हें अधिकतम 20,000 रुपये तक की प्रतिपूर्ति मिलेगी। योजना के तहत प्रति वित्तीय वर्ष अधिकतम 100 लाभार्थियों को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर चुना जाएगा। आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और वह जीवनकाल में केवल एक बार इस सहायता का लाभ उठा सकता है।
पर्यटन आंकड़े और बजट
बिहार में पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2023 में राज्य में 8.2 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, जिनमें लगभग 5.47 लाख विदेशी पर्यटक शामिल थे। 2019 में यह संख्या 3.5 करोड़ से अधिक थी। पर्यटन पर सरकारी खर्च भी बढ़ा है। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 2026 में पर्यटन पर विकासात्मक राजस्व व्यय 287.5 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो 2025 में 214.9 करोड़ रुपये था। 1991 से 2026 के बीच औसत वार्षिक खर्च लगभग 4.5 करोड़ रुपये था।
FAQ
हेलीकॉप्टर सेवा कब से शुरू होगी?
यह सेवा 15 जुलाई 2026 से शुरू होगी।
पटना से राजगीर हेलीकॉप्टर का किराया कितना है?
प्रति सीट 4,000 रुपये है।
वाल्मीकिनगर के लिए फिक्स्ड-विंग विमान का किराया क्या है?
प्रति सीट 5,000 रुपये है।
सिंधु दर्शन योजना के तहत कितनी राशि मिलती है?
अधिकतम 20,000 रुपये प्रति व्यक्ति।