घटना का विवरण
हमीरपुर जिले में पुलिस हिरासत में एक युवक की पिटाई का मामला सामने आया है। शनिवार शाम को सदर कोतवाली क्षेत्र के मेरापुर निवासी शिवराज (28) को पुलिस ने वारंट के आधार पर पकड़ा था। दरअसल, पुलिस के पास शिवराज नाम के एक अन्य व्यक्ति का वारंट था, जिसमें पिता का नाम नहीं लिखा था। गलतफहमी के चलते पुलिस दूसरे शिवराज के घर पहुंच गई और उसे कोतवाली ले आई।
मेडिकल रिपोर्ट में चार चोटें
जिला अस्पताल में कराई गई मेडिकल जांच में युवक के शरीर पर चार चोटों की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार:
- दाहिने हाथ के ऊपरी हिस्से पर 3×3 सेंटीमीटर का घाव, जिससे रक्तस्राव हो रहा था।
- दाहिने हाथ की पहली अंगुली पर लगभग 1 सेंटीमीटर का घाव।
- दाहिने कंधे पर 18×5 सेंटीमीटर का चोट का निशान।
- सिर में भी चोट की शिकायत, जिसके लिए एक्सरे की सलाह दी गई है।
डॉक्टरों ने चोट को कठोर वस्तु से लगना बताया है। एक्सरे रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि चोटें साधारण हैं या गंभीर।
पुलिस और पीड़ित के आरोप
पुलिस का दावा है कि युवक ने हिरासत में उपद्रव किया और सीसा तोड़ दिया, जिससे उसके हाथ में चोट लग गई। वहीं, पीड़ित शिवराज का आरोप है कि पुलिस ने उसे बेरहमी से पीटा। घायल अवस्था में पुलिस ने ही उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया।
मामले की गंभीरता
यह घटना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। वारंट के चक्कर में गलत व्यक्ति को पकड़ना और फिर हिरासत में पिटाई जैसी घटनाएं कानून व्यवस्था पर अविश्वास पैदा करती हैं। मेडिकल रिपोर्ट में चार चोटों का मिलना पुलिस के दावों को कमजोर करता है।
FAQ
युवक को पुलिस ने क्यों पकड़ा?
पुलिस को एक वारंट के तहत शिवराज नाम के व्यक्ति को पकड़ना था, लेकिन गलती से दूसरे शिवराज को पकड़ लिया गया।
युवक को कितनी चोटें आईं?
मेडिकल रिपोर्ट में चार चोटों की पुष्टि हुई है, जिनमें दाहिने कंधे, हाथ और अंगुली पर घाव शामिल हैं।
पुलिस का क्या कहना है?
पुलिस का दावा है कि युवक ने हिरासत में उपद्रव किया और सीसा तोड़ दिया, जिससे उसे चोट लगी।