Himachal | Bilaspur

Bilaspur News: 38वें रिमाइंडर के बाद हरकत में आया प्रशासन, एसएलएयू के गठन का रिकॉर्ड तलब

प्रशासन ने मांगी एसएलएयू के गठन की जानकारी बिलासपुर जिला प्रशासन ने विशेष भू-अर्जन इकाई (एसएलएयू) की स्थापना से संबंधित रिकॉर्ड तलब किया है। यह कार्रवाई फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति द्वारा लगातार उठाए गए…

प्रशासन ने मांगी एसएलएयू के गठन की जानकारी

बिलासपुर जिला प्रशासन ने विशेष भू-अर्जन इकाई (एसएलएयू) की स्थापना से संबंधित रिकॉर्ड तलब किया है। यह कार्रवाई फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति द्वारा लगातार उठाए गए सवालों और 38वें स्मरण पत्र के बाद की गई है। उपायुक्त कार्यालय ने विशेष भू-अर्जन अधिकारी को पत्र जारी कर एसएलएयू की स्थापना के वर्ष और संबंधित अधिसूचना की प्रति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

38वें रिमाइंडर के बाद हरकत

समिति के महासचिव मदन लाल ने 3 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों को 38वां स्मरण पत्र भेजा था। इसमें एसएलएयू के गठन की अधिसूचना सार्वजनिक करने या यह स्पष्ट करने की मांग की गई कि यह इकाई किस आधार पर कार्य कर रही है। समिति ने सवाल उठाया कि बिना अधिसूचना के यह इकाई भूमि, मकानों, पेड़ों और अन्य संपत्तियों के अधिग्रहण की प्रक्रिया को कैसे अंजाम दे सकती है।

उपायुक्त कार्यालय का पत्र

उपायुक्त कार्यालय ने 6 जुलाई 2026 को विशेष भू-अर्जन अधिकारी को पत्र जारी कर कहा कि समिति द्वारा 28 मई से 2 जून 2026 के बीच भेजे गए आवेदनों के आधार पर आवश्यक जानकारी मांगी गई है। पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि एसएलएयू की स्थापना का वर्ष और अधिसूचना की प्रति उपलब्ध कराई जाए, ताकि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सके।

समिति की मांगें

  • एसएलएयू के गठन की अधिसूचना सार्वजनिक की जाए।
  • यदि कोई अधिसूचना नहीं है, तो स्पष्ट किया जाए कि इकाई किस आधार पर कार्य कर रही है।
  • मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सार्वजनिक किए जाएं।

समिति का रुख

मदन लाल ने कहा कि समिति का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि एसएलएयू की स्थापना और संचालन निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप हो और पारदर्शिता बनी रहे। समिति ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित अधिकारियों को पत्र की प्रतियां भेजी हैं।

FAQ

एसएलएयू क्या है?

एसएलएयू (विशेष भू-अर्जन इकाई) का गठन कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन जैसी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को संचालित करने के लिए किया गया था।

प्रशासन ने अब रिकॉर्ड क्यों मांगा?

समिति के 38वें स्मरण पत्र के बाद उपायुक्त कार्यालय ने एसएलएयू के गठन से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं ताकि मामले की पारदर्शी जांच हो सके।

समिति ने क्या मांग की है?

समिति चाहती है कि एसएलएयू के गठन की अधिसूचना सार्वजनिक की जाए, या यदि कोई अधिसूचना नहीं है तो यह स्पष्ट किया जाए कि इकाई किस आधार पर कार्य कर रही है।

मदन लाल कौन हैं?

मदन लाल फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव हैं, जो कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन परियोजना से प्रभावित लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

Follow us on Google News

Explore more

सोलन में पत्नी और प्रेमी ने मिलकर पति की हत्या की, शव झाड़ियों में फेंका

घटना का विवरण हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कसौली विधानसभा क्षेत्र के बोहली पंचायत के…

More on Himachal from Himachal Pradesh

Himachal Weather Alert: Heavy Rain Warning for Multiple Districts, Orange and Yellow Alerts Issued

Key Facts The Weather Department has issued orange and yellow alerts for several districts in Himachal Pradesh from July 6 to 11,…

बिलासपुर के मेडिकल वार्ड में जलभराव से मरीजों को परेशानी

प्रमुख तथ्य हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में स्थित एक सरकारी मेडिकल वार्ड में अचानक जलभराव हो गया, जिससे मरीजों और उनके…

Kangra: आज के प्रमुख कार्यक्रम और सेवाओं में बदलाव

मुख्य कार्यक्रम कांगड़ा जिले में आज, 6 जुलाई 2026 को कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें स्वास्थ्य शिविर, सफाई…