पपीते के अर्क से प्लेटलेट काउंट बढ़ाने का दावा
पपीते के पत्तों का अर्क (papaya leaf extract) डेंगू और अन्य बीमारियों में प्लेटलेट काउंट बढ़ाने के लिए पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किया जाता रहा है। हाल ही में टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में इस विषय पर विस्तार से चर्चा की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई स्थित स्वास्थ्य पत्रकार एशान कल्याणीकर ने इस विषय पर जानकारी साझा की है।
क्या कहती है रिसर्च?
कई छोटे पैमाने के अध्ययनों में पाया गया है कि पपीते के पत्तों का अर्क प्लेटलेट काउंट को बढ़ाने में मदद कर सकता है। एक अध्ययन में डेंगू के मरीजों को पपीते के अर्क का सेवन करने पर प्लेटलेट काउंट में तेजी से सुधार देखा गया। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अभी और बड़े पैमाने पर क्लिनिकल ट्रायल की आवश्यकता है।
डेंगू में प्लेटलेट काउंट क्यों घटता है?
डेंगू वायरस शरीर में प्लेटलेट्स के उत्पादन को प्रभावित करता है और उन्हें नष्ट भी करता है। प्लेटलेट काउंट कम होने से रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में पपीते का अर्क एक प्राकृतिक उपचार के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों की राय
डॉक्टरों का कहना है कि पपीते का अर्क प्लेटलेट बढ़ाने में सहायक हो सकता है, लेकिन इसे मुख्य उपचार के रूप में नहीं लेना चाहिए। डेंगू के मरीजों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इसका सेवन करना चाहिए। हिमाचल प्रदेश में भी डेंगू के मामले सामने आते हैं, इसलिए यह जानकारी राज्य के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है।
कैसे करें सेवन?
- पपीते के पत्तों का ताजा जूस बनाकर पी सकते हैं।
- बाजार में पपीते के अर्क के कैप्सूल भी उपलब्ध हैं।
- सेवन की मात्रा और विधि के लिए डॉक्टर से परामर्श जरूरी है।
सावधानियां
पपीते का अर्क अधिक मात्रा में लेने से मतली, उल्टी या एलर्जी हो सकती है। गर्भवती महिलाओं और किडनी की बीमारी वाले मरीजों को इससे बचना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या पपीते का अर्क प्लेटलेट काउंट बढ़ाने में मदद करता है?
कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि पपीते के पत्तों का अर्क डेंगू रोगियों में प्लेटलेट काउंट बढ़ाने में सहायक हो सकता है, हालांकि इस पर और शोध की आवश्यकता है।
पपीते के अर्क का सेवन कैसे करें?
पपीते के पत्तों का अर्क आमतौर पर जूस या कैप्सूल के रूप में उपलब्ध है। सेवन से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।
क्या पपीते का अर्क सुरक्षित है?
सामान्य मात्रा में पपीते का अर्क सुरक्षित माना जाता है, लेकिन अधिक मात्रा में सेवन से साइड इफेक्ट हो सकते हैं। गर्भवती महिलाओं को इससे बचना चाहिए।