मुख्य तथ्य
AIADMK के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने सोमवार को तमिलनाडु सरकार पर बारिश में खरीदे गए धान के नुकसान को रोकने में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग एक लाख बोरे धान खराब हो गए हैं।
विस्तार से जानकारी
पलानीस्वामी ने एक बयान में कहा कि कुंभकोणम और आसपास के क्षेत्रों में लगभग एक लाख बोरे धान खराब होने की सूचना है। इसी तरह विरुधुनगर, रानीपेट और कांचीपुरम में भी धान के बोरे खराब हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति इसलिए पैदा हुई क्योंकि कई महीने पहले खरीदा गया धान अभी तक मिलों में नहीं भेजा गया था।
प्रभाव और प्रतिक्रिया
पलानीस्वामी ने तंजावुर में बारिश प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर दो मंत्रियों की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि केवल दौरे से समस्या हल नहीं होगी। उन्होंने खरीदे गए धान की सुरक्षा के लिए तत्काल उपायों की मांग की।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- तमिलनाडु में बारिश के कारण धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
- सरकार पर आरोप है कि उसने समय पर धान को मिलों में नहीं भेजा।
- विपक्ष ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
FAQ
धान के नुकसान का मुख्य कारण क्या बताया गया है?
पलानीस्वामी के अनुसार, खरीदे गए धान को महीनों तक मिलों में नहीं भेजा गया, जिससे बारिश में वह खराब हो गया।
किन जिलों में धान खराब होने की सूचना है?
कुंभकोणम, विरुधुनगर, रानीपेट, कांचीपुरम और तंजावुर में धान के बोरे खराब हुए हैं।
पलानीस्वामी ने सरकार से क्या मांग की?
उन्होंने खरीदे गए धान की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।
स्रोत: www.thehindu.com