हादसे का विवरण
लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार (22 जून 2026) को एक तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में भीषण आग लग गई, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। मृतकों में अधिकतर छात्र थे, जो दूसरी मंजिल पर स्थित ग्राफिक्स एनिमेशन सेंटर में कक्षा ले रहे थे। आग की शुरुआत दोपहर करीब 2:30 बजे हुई और तीन घंटे की मशक्कत के बाद इसे बुझाया जा सका।
प्रशासनिक कार्रवाई
पुलिस ने मामला दर्ज कर भवन मालिकों राम कृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला और तुषार कृष्ण जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, चार अधिकारियों—गौरव कुमार, कमलेंद्र कुमार सिंह, अनिल कुमार और प्रमोद पांडेय—को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ से लौटकर घटनास्थल का दौरा किया और कहा, "मामले की गहन जांच होगी और दोषियों को सजा दी जाएगी।" सरकार ने दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है, जो सात दिन में रिपोर्ट देगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद आठ छात्रों ने इमारत से छलांग लगा दी। स्थानीय निवासी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि आग दूसरी मंजिल पर स्थित एनिमेशन सेंटर में लगी और तेजी से फैल गई। फायर ब्रिगेड को पीछे की दीवार तोड़कर लोगों को बचाना पड़ा। ग्राउंड फ्लोर पर पालतू जानवरों की दुकान में चार से अधिक जानवर जलकर मर गए।
राष्ट्रीय स्तर पर शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया और पीएमएनआरएफ से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये देने की घोषणा की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी दुख जताया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इसे "बीजेपी सरकार की विफलता" बताया और कहा कि राजधानी में इस तरह की घटना घोर लापरवाही का उदाहरण है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी जांच की मांग की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
FAQ
लखनऊ आग हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
इस हादसे में 15 लोगों की मौत हुई, जिनमें ज्यादातर छात्र थे।
आग कहाँ लगी थी?
आग लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में लगी थी, जिसमें ग्राफिक्स एनिमेशन सेंटर, पेट शॉप और लाइब्रेरी थी।
मुख्यमंत्री ने क्या कार्रवाई की?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल का दौरा किया और दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित कर सात दिन में रिपोर्ट देने का आदेश दिया।
पीड़ितों को क्या मुआवजा दिया गया?
प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये देने की घोषणा की गई।