मुख्य तथ्य
आंध्र प्रदेश के परिवहन मंत्री मंडीपल्ली रामप्रसाद रेड्डी ने सोमवार को सचिवालय में मीडिया को बताया कि TDP-NDA सरकार द्वारा APSRTC में लागू किए गए सुधारों और कल्याणकारी योजनाओं को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। स्ट्री शक्ति और दिव्यांग शक्ति योजनाओं ने 73.62 करोड़ यात्रियों और 38.22 लाख दिव्यांग व्यक्तियों को लाभ पहुंचाया। इन योजनाओं के कारण APSRTC की ऑक्यूपेंसी दर 69% से बढ़कर 92% हो गई।
सुधारों का विवरण
APSRTC ने बस स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित किया, परिचालन दक्षता में सुधार किया, 1,489 नई बसें शामिल कीं और दुर्घटना दर में कमी दर्ज की। मंत्री ने बताया कि प्रस्थान समय की पाबंदी 90% से बढ़कर 96% हो गई, जबकि आगमन समय की पाबंदी 79% से बढ़कर 88% हो गई।
राजस्व और ऋण
गैर-किराया राजस्व ₹404.22 करोड़ और लॉजिस्टिक्स राजस्व ₹227 करोड़ तक पहुंच गया। जून 2024 से मार्च 2026 के बीच निगम ने ₹1,240 करोड़ का ऋण और ब्याज चुकाया। परिवहन विभाग का राजस्व 2025-26 में ₹5,050.35 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि वाहन बिक्री 9.81 लाख यूनिट हो गई, जो क्षेत्र में वृद्धि को दर्शाता है।
ऑटो और टैक्सी चालकों को सहायता
मंत्री ने बताया कि ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों को भी सहायता दी गई। 2025-26 के दौरान 2.9 लाख लाभार्थियों को ₹436 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
भविष्य की योजनाएं
सरकार आने वाले वर्षों में 8,321 इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने की योजना बना रही है। कर्मचारी कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आजीवन कर्मचारी स्वास्थ्य योजना, 1,780 अनुकंपा नियुक्तियां, स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा कवर, प्रमोशन और ग्रेच्युटी भुगतान जैसे उपाय लागू किए गए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
स्ट्री शक्ति और दिव्यांग शक्ति योजनाओं के तहत कितने लाभार्थी हुए?
स्ट्री शक्ति योजना से 73.62 करोड़ महिला यात्री और दिव्यांग शक्ति योजना से 38.22 लाख दिव्यांग व्यक्ति लाभान्वित हुए।
APSRTC की ऑक्यूपेंसी दर कितनी बढ़ी?
इन योजनाओं के बाद APSRTC की ऑक्यूपेंसी दर 69% से बढ़कर 92% हो गई।
APSRTC ने कितनी नई बसें शामिल कीं?
APSRTC ने 1,489 नई बसें शामिल कीं और भविष्य में 8,321 इलेक्ट्रिक बसें लाने की योजना है।
कर्मचारी कल्याण के लिए क्या उपाय किए गए?
आजीवन स्वास्थ्य योजना, 1,780 अनुकंपा नियुक्तियां, स्वास्थ्य बीमा, प्रमोशन और ग्रेच्युटी भुगतान जैसे उपाय लागू किए गए।
स्रोत: www.thehindu.com