मुख्य तथ्य
वरिष्ठ CPI(M) नेता और पूर्व वित्त मंत्री टी.एम. थॉमस आइजक ने सोमवार को EMS अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा आयोजित एक चर्चा में कहा कि पार्टी को बदलते वक्त के अनुसार अपनी संवाद शैली बदलनी होगी। उन्होंने केरल में युवा मजदूरों को जोड़ने के लिए नए तरीके अपनाने पर जोर दिया।
विस्तार से
आइजक ने 'मिशन प्राइवेटाइजेशन: द कॉरपोरेट बजट' विषय पर आयोजित चर्चा में कहा कि मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन द्वारा हाल ही में पेश किए गए संशोधित राज्य बजट में निजीकरण की ओर बढ़ते कदमों से केरल में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों और तटीय खनिज रेत को निजी हाथों बेचने का रास्ता साफ किया गया है।
“UDF ने 102 सीटें जीती हैं और सत्ता में है। लेकिन छह महीने के भीतर राज्य की सत्ता का समीकरण बदल जाएगा। तटीय क्षेत्र में बड़ा विरोध प्रदर्शन होगा। क्या आपको लगता है कि तटीय लोग सरकार के साथ खड़े रहेंगे? और चर्च भी? जो भी UDF के साथ था, वह विरोध मोर्चे में शामिल हो जाएगा। बजट ने ऐसा संकेत दिया है,” आइजक ने कहा।
पार्टी की संवाद शैली में बदलाव की जरूरत
आइजक ने पार्टी की संवाद रणनीति में कमियों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “हमें भी बदलते वक्त के अनुसार काम करना और व्यवहार करना सीखना होगा।” उन्होंने बताया कि केरल में 60%-70% फैक्ट्री कर्मचारी 44 साल से कम उम्र के हैं। “वे मिलेनियल हैं, हमारे जैसे बूढ़े नहीं। उन्हें पारंपरिक तरीके से जुटाना संभव नहीं है। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में 90% कर्मचारी पहले से संघबद्ध हैं और संगठित उद्योगों में भी 60%-70%। लेकिन नई पीढ़ी के क्षेत्रों में केवल 10% ही संगठित हैं। केरल बदल रहा है। हमारी शैली भी उसी के अनुसार बदलनी चाहिए,” उन्होंने कहा।
LDF का निजी क्षेत्र पर रुख
आइजक ने स्पष्ट किया कि LDF निजी क्षेत्र के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि वाम सरकार द्वारा केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड के माध्यम से किए गए बुनियादी ढांचे के विकास का उद्देश्य निजी निवेश को आकर्षित करना था। हालांकि, उन्होंने कहा कि LDF, UDF सरकार द्वारा प्रस्तावित सार्वजनिक-निजी भागीदारी के उस मॉडल का विरोध करता है जो करदाताओं के पैसे की कीमत पर निजी निवेशकों के हितों को बढ़ावा देता है।
FAQ
टी.एम. थॉमस आइजक ने पार्टी की संवाद शैली में बदलाव की बात क्यों कही?
उन्होंने कहा कि केरल में 60-70% फैक्ट्री कर्मचारी 44 साल से कम उम्र के हैं और उन्हें पारंपरिक तरीके से जुटाना संभव नहीं है। इसलिए पार्टी को बदलते वक्त के अनुसार अपनी संवाद शैली बदलनी होगी।
आइजक ने UDF सरकार के बजट पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों और तटीय खनिज रेत को निजी हाथों बेचने का रास्ता साफ किया गया है, जिससे केरल में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होंगे।
LDF का निजी क्षेत्र के प्रति क्या रुख है?
आइजक ने स्पष्ट किया कि LDF निजी क्षेत्र के खिलाफ नहीं है, बल्कि वह UDF सरकार के सार्वजनिक-निजी भागीदारी के उस मॉडल का विरोध करता है जो करदाताओं के पैसे की कीमत पर निजी निवेशकों के हितों को बढ़ावा देता है।
स्रोत: www.thehindu.com