प्रमुख तथ्य
बिहार में NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा के दौरान पुलिस ने कम से कम 30 लोगों को अनियमितताओं के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी सोमवार (22 जून, 2026) को की गई। पुनर्परीक्षा रविवार (21 जून, 2026) को कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित की गई थी, जब मूल परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी।
गिरफ्तारियों का विवरण
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) सुधांशु कुमार ने बताया कि बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली से जुड़े 18 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने प्रतिरूपी उम्मीदवारों और बिचौलियों से मिलीभगत करके सत्यापन प्रक्रिया से समझौता किया। लखीसराय पुलिस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, नौ प्रतिरूपी, एक वास्तविक उम्मीदवार और दो सहयोगियों को भी पकड़ा गया।
प्रतिरूपियों की पहचान
गिरफ्तार प्रतिरूपियों में शामिल हैं:
- न्यू जलपाईगुड़ी मेडिकल कॉलेज (पश्चिम बंगाल) का एक चौथे वर्ष का एमबीबीएस छात्र
- एम्स रायबरेली (उत्तर प्रदेश) का एक चौथे वर्ष का एमबीबीएस छात्र
- एएन मगध मेडिकल कॉलेज (बिहार) का एक चौथे वर्ष का एमबीबीएस छात्र
- सतना (मध्य प्रदेश) के सरकारी मेडिकल कॉलेज का एक प्रथम वर्ष का छात्र
- शाहदरा (दिल्ली) के यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज का एक एमबीबीएस इंटर्न
- एनएमसीएच पटना का एक चौथे वर्ष का बी.फार्मा छात्र
- एनएमसीएच पटना का एक अन्य छात्र
- बीएचयू (वाराणसी) की एक बीएससी नर्सिंग छात्रा
- ओडिशा के सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज की एक बीएएमएस छात्रा
इसके अलावा, नालंदा जिले के एक वास्तविक उम्मीदवार संजीत कुमार को भी अनियमितताओं के लिए गिरफ्तार किया गया।
बायोमेट्रिक स्टाफ की भूमिका
गिरफ्तार बायोमेट्रिक स्टाफ में तीन पर्यवेक्षक और पीएमसीएच पटना का एक चौथे वर्ष का एमबीबीएस छात्र शामिल है। एडीजी ने बताया कि लखीसराय जिले के किउल और कवैया थानों में दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
परीक्षा की पृष्ठभूमि
NEET-UG की मूल परीक्षा मई की शुरुआत में आयोजित की गई थी, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने की व्यापक शिकायतों के बाद इसे रद्द कर दिया गया। पुनर्परीक्षा 21 जून, 2026 को पूरे राज्य में कड़ी सुरक्षा के बीच हुई।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
NEET-UG पुनर्परीक्षा में कितने लोग गिरफ्तार हुए?
कुल 30 लोग गिरफ्तार हुए, जिनमें 18 बायोमेट्रिक स्टाफ, 9 प्रतिरूपी, 1 वास्तविक उम्मीदवार और 2 सहयोगी शामिल हैं।
गिरफ्तार प्रतिरूपी किन-किन संस्थानों से थे?
गिरफ्तार प्रतिरूपियों में न्यू जलपाईगुड़ी मेडिकल कॉलेज, एम्स रायबरेली, एएन मगध मेडिकल कॉलेज, सतना सरकारी मेडिकल कॉलेज, यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज, एनएमसीएच पटना, बीएचयू और ओडिशा सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्र शामिल हैं।
बायोमेट्रिक स्टाफ पर क्या आरोप है?
बायोमेट्रिक स्टाफ पर आरोप है कि उन्होंने प्रतिरूपी उम्मीदवारों और बिचौलियों से मिलीभगत करके सत्यापन प्रक्रिया से समझौता किया।