मुख्य तथ्य
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने सोमवार (22 जून, 2026) को छह लोकसभा सांसदों को पार्टी में शामिल कर लिया। ये सभी सांसद पहले शिवसेना (UBT) के सदस्य थे। शिंदे ने इसे 'ऑपरेशन टाइगर' का सफल निष्पादन बताया।
विस्तार से जानकारी
एकनाथ शिंदे ने संवाददाताओं से कहा, "हमने कानूनी, संवैधानिक और संसदीय ढांचे में प्रक्रिया पूरी की है। हम फुलप्रूफ ऑपरेशन करते हैं। सभी छह सांसद शिवसेना में शामिल हो गए हैं। ऑपरेशन टाइगर सफल रहा।" शिंदे के साथ पार्टी के विधायक, कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
शिवसेना (UBT) के नेता आदित्य ठाकरे ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा, "भारत की जनता ने 2024 के चुनावों में उन्हें रोका था। लेकिन ये सब कुछ इसलिए किया जा रहा है ताकि वे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा लिखित संविधान को बदल सकें।"
प्रभाव और विश्लेषण
इस शामिल होने से शिवसेना की लोकसभा में संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है, जिससे एनडीए में पार्टी का दबदबा बढ़ गया है। शिंदे ने कहा, "अमित शाह और केंद्रीय नेतृत्व हमारे साथ सहयोग कर रहे हैं। हम पार्टी कार्यकर्ताओं और उनके निर्वाचन क्षेत्रों के कल्याण के लिए निर्णय लेंगे।"
शिंदे ने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा, "हम सब पार्टी कार्यकर्ता हैं। किसी का अपमान नहीं होगा। आपकी समस्याएं इस डबल इंजन सरकार से हल होंगी।" उन्होंने यह भी याद दिलाया कि चार साल पहले 22 जून, 2022 को उन्होंने शिवसेना में विद्रोह किया था, जिसमें 40 विधायक उनके साथ थे।
शामिल होने वाले सांसद
- नागेश पाटिल अष्टिकर
- संजय देशमुख
- संजय दीना पाटिल
- भाऊसाहेब वाकचौरे
- ओमराजे निंबालकर
- संजय बंडू जाधव
कानूनी पहलू
शिवसेना नेताओं ने दावा किया कि उन्होंने प्रक्रिया के सभी कानूनी पहलुओं की जांच कर ली है। छह सांसदों के समूह ने एक अलग गुट बनाया था, जिसने शिवसेना में विलय की घोषणा की। संवैधानिक विशेषज्ञ अनंत कलसे ने कहा, "उनके विभाजन को लोकसभा अध्यक्ष द्वारा मान्यता दी जानी चाहिए। पार्टी को चुनाव आयोग द्वारा मान्यता दी जानी चाहिए। नवगठित पार्टी को भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा 4 के अनुसार किसी अन्य पार्टी में विलय होना चाहिए।"
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। शिवसेना (UBT) और शिवसेना के बीच संघर्ष और गहरा सकता है। आगामी लोकसभा सत्र में इस मामले पर चर्चा होने की संभावना है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शिवसेना में शामिल होने वाले छह सांसद कौन हैं?
नागेश पाटिल अष्टिकर, संजय देशमुख, संजय दीना पाटिल, भाऊसाहेब वाकचौरे, ओमराजे निंबालकर और संजय बंडू जाधव।
एकनाथ शिंदे ने इस घटनाक्रम को क्या नाम दिया?
उन्होंने इसे 'ऑपरेशन टाइगर' कहा और दावा किया कि यह कानूनी और संवैधानिक रूप से पूरा हुआ है।
शिवसेना (UBT) ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
आदित्य ठाकरे ने कहा कि यह संविधान बदलने की साजिश का हिस्सा है, जिसे 2024 के चुनावों में जनता ने रोका था।
इस घटनाक्रम का शिवसेना की लोकसभा सीटों पर क्या प्रभाव पड़ा?
शिवसेना की लोकसभा में संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई, जिससे वह एनडीए में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई।