कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने सोमवार को हैदराबाद में बसवतारकम इंडो-अमेरिकन कैंसर अस्पताल और अनुसंधान संस्थान के रजत जयंती समारोह में कहा कि भारत में हर साल लगभग 15 लाख नए कैंसर के मामले सामने आते हैं। उन्होंने इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई में शुरुआती पहचान और रोकथाम को सबसे बड़ा हथियार बताया।
शुरुआती पहचान और रोकथाम पर जोर
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि कैंसर एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती है। चिकित्सा प्रौद्योगिकी और उपचार में प्रगति के बावजूद, बदलती जीवनशैली और पर्यावरणीय कारक इस बीमारी के बढ़ते मामलों में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमारे सामने असली चुनौती सिर्फ सस्ता और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि कैंसर को रोकना और शुरुआती चरण में इसका पता लगाना है।” शुरुआती निदान से जीवित रहने की दर में काफी सुधार होता है।
बसवतारकम अस्पताल की उपलब्धियां
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि अस्पताल की 25 साल की यात्रा पूर्व आंध्र प्रदेश मुख्यमंत्री एन.टी. रामा राव के सस्ता कैंसर उपचार और ऑन्कोलॉजी में चिकित्सा शिक्षा व अनुसंधान को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि 100 बिस्तरों से शुरू हुआ यह संस्थान अब 650 बिस्तरों वाला अस्पताल बन गया है, जिसमें अत्याधुनिक निदान और उपचार सुविधाएं हैं और 250 से अधिक विशेषज्ञों की टीम कार्यरत है।
तेलंगाना की पहल
तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री सी. दामोदर राजा नरसिम्हा ने कहा कि कैंसर सबसे महत्वपूर्ण गैर-संचारी रोगों में से एक है। उन्होंने बताया कि तेलंगाना ने कैंसर को अधिसूचित रोग घोषित किया है और मामलों की रिपोर्टिंग के लिए कैंसर रजिस्ट्री और एक समर्पित कैंसर पोर्टल स्थापित किया है। जिला मुख्यालयों के शिक्षण अस्पतालों में कैंसर देखभाल केंद्र भी स्थापित किए गए हैं ताकि मरीज अपने घरों के करीब इलाज प्राप्त कर सकें।
अस्पताल की सफलता की कहानी
अस्पताल के अध्यक्ष और अभिनेता नंदमुरी बालकृष्ण ने कहा कि संस्थान अपनी सफलता संख्याओं में नहीं, बल्कि बदली गई जिंदगियों और पुनर्मिलित परिवारों में मापता है। परोपकारियों और दानदाताओं के सहयोग से उन्नत विकिरण सुविधाएं और दक्षिण भारत का पहला बोन मैरो प्रत्यारोपण कार्यक्रम स्थापित किया गया, जो क्षेत्र के सबसे सम्मानित कार्यक्रमों में से एक बन गया है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री का संदेश
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने याद किया कि जब अस्पताल की कल्पना की गई थी, तब विशेष कैंसर उपचार सुविधाएं दुर्लभ थीं और मरीजों को इलाज के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि अपनी पत्नी बसवतारकम की मृत्यु के बाद, एन.टी. रामा राव ने एक ऐसे संस्थान की कल्पना की जो मरीज की आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना उन्नत कैंसर उपचार प्रदान करे। उन्होंने बालकृष्ण को संस्थान को बदलने का श्रेय देते हुए कहा कि बसवतारकम इंडो-अमेरिकन कैंसर अस्पताल कैंसर रोगियों के लिए एक मंदिर बन गया है और हजारों परिवारों के लिए आशा और उपचार का प्रतीक है।
समारोह में उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, केंद्रीय ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी, आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव, कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और कैंसर से बचे लोग उपस्थित थे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में हर साल कितने नए कैंसर के मामले सामने आते हैं?
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 15 लाख नए कैंसर के मामले सामने आते हैं।
कैंसर की रोकथाम के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
तेलंगाना ने कैंसर को अधिसूचित रोग घोषित किया है और कैंसर रजिस्ट्री तथा पोर्टल बनाया है। जिला मुख्यालयों के शिक्षण अस्पतालों में कैंसर देखभाल केंद्र स्थापित किए गए हैं।
बसवतारकम इंडो-अमेरिकन कैंसर अस्पताल की क्या विशेषताएं हैं?
यह अस्पताल 100 बिस्तरों से शुरू होकर अब 650 बिस्तरों वाला संस्थान बन गया है, जिसमें 250 से अधिक विशेषज्ञ कार्यरत हैं। यहां दक्षिण भारत का पहला बोन मैरो प्रत्यारोपण कार्यक्रम शुरू किया गया।
स्रोत: www.thehindu.com