प्रमुख तथ्य
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने चंडीगढ़ में चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (CREST) से जुड़े 75 करोड़ रुपये के गबन मामले में वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFoS) अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है। श्रीवास्तव CREST के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) थे।
मामले का विवरण
CBI के अनुसार, श्रीवास्तव के कार्यकाल के दौरान CREST के तीन बैंक खातों (IDFC बैंक, चंडीगढ़) से धनराशि को विभिन्न शेल कंपनियों में डायवर्ट किया गया और व्यक्तिगत उपयोग के लिए निकाला गया। इससे CREST को लगभग 75 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
जांच एजेंसी ने बताया कि अपराध की आय का एक हिस्सा एक निजी कंपनी के खाते में भी स्थानांतरित किया गया, जिसमें श्रीवास्तव की पत्नी और एक करीबी रिश्तेदार निदेशक हैं।
अन्य आरोपी
इस मामले में पहले ही CREST के तत्कालीन परियोजना निदेशक सुखविंदर सिंह अबरोल और लेखाकार साहिल कुक्कर को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। फिलहाल श्रीवास्तव तीन दिन की CBI रिमांड पर हैं, जबकि अबरोल और कुक्कर न्यायिक हिरासत में हैं।
जांच की प्रगति
CBI ने यह मामला चंडीगढ़ पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा से अपने हाथ में लिया था। एजेंसी ने निजी बैंक के पांच अधिकारियों, दो CREST अधिकारियों, दो शेल संस्थाओं और उनके साझेदारों/निदेशकों तथा एक निजी व्यक्ति के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।
FAQ
CREST क्या है?
CREST (Chandigarh Renewable Energy and Science & Technology Promotion Society) चंडीगढ़ प्रशासन के तहत एक सोसायटी है जो नवीकरणीय ऊर्जा और विज्ञान-प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देती है।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
अब तक तीन लोग गिरफ्तार हुए हैं: नवनीत श्रीवास्तव (पूर्व CEO), सुखविंदर सिंह अबरोल (पूर्व परियोजना निदेशक) और साहिल कुक्कर (लेखाकार)।
CREST को कितना नुकसान हुआ?
आरोपियों ने CREST के तीन बैंक खातों से लगभग 75 करोड़ रुपये की राशि हड़प ली।