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अमेरिका-ईरान समझौते का पूरा टेक्स्ट जारी: होर्मुज खुलेगा, 300 अरब डॉलर का फंड, परमाणु हथियार नहीं बनाएगा ईरान

समझौते का पूरा पाठ जारी अमेरिका ने ईरान के साथ हुए 14 सूत्रीय समझौते का पूरा पाठ सार्वजनिक कर दिया है। यह दस्तावेज आधिकारिक तौर पर ‘इस्लामाबाद ज्ञापन’ कहलाता है। अमेरिकी अधिकारियों ने एक कॉन्फ्रेंस…

समझौते का पूरा पाठ जारी

अमेरिका ने ईरान के साथ हुए 14 सूत्रीय समझौते का पूरा पाठ सार्वजनिक कर दिया है। यह दस्तावेज आधिकारिक तौर पर 'इस्लामाबाद ज्ञापन' कहलाता है। अमेरिकी अधिकारियों ने एक कॉन्फ्रेंस कॉल में इसके शब्दों को पढ़ा, जिसके बाद पारदर्शिता की मांग बढ़ रही थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को इस सौदे की घोषणा की थी। यह समझौता शुक्रवार को हस्ताक्षरित होने वाला है, जिसके बाद दोनों पक्षों को अंतिम सौदे पर बातचीत के लिए 60 दिन का समय मिलेगा। ईरान ने अभी तक अपनी ओर से कोई विवरण जारी नहीं किया है।

मुख्य बिंदु

  • सैन्य कार्रवाई रोकना: ज्ञापन में 'सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों की तत्काल और स्थायी समाप्ति' का आह्वान किया गया है, जिसमें लेबनान भी शामिल है।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य खोलना: अमेरिका 30 दिनों के भीतर ईरान की नौसैनिक नाकाबंदी हटाएगा। इस दौरान जहाजों की आवाजाही युद्ध-पूर्व स्तर पर बहाल होगी। ईरान 60 दिनों तक वाणिज्यिक जहाजों के सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था करेगा।
  • परमाणु हथियार नहीं: ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। दोनों पक्ष IAEA की निगरानी में ईरान की समृद्ध यूरेनियम सामग्री को 'ब्लेंडिंग ऑन साइट' के माध्यम से हटाने पर सहमत हुए हैं।
  • 300 अरब डॉलर का पुनर्निर्माण कोष: अमेरिका क्षेत्रीय भागीदारों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर का कोष स्थापित करेगा।
  • प्रतिबंध हटाना: अमेरिका ईरान पर लगे सभी प्रकार के प्रतिबंधों को समाप्त करेगा, जिसकी समयसीमा अंतिम सौदे में तय होगी।

अंतिम सौदे की समयसीमा

दस्तावेज में कहा गया है, 'अमेरिका और ईरान अधिकतम 60 दिनों में अंतिम सौदे पर बातचीत और उसे हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसे आपसी सहमति से बढ़ाया जा सकता है।'

प्रभाव और विश्लेषण

इस समझौते से मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीद है। होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि 60 दिनों में अंतिम सौदा तय करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस्लामाबाद ज्ञापन क्या है?

यह अमेरिका और ईरान के बीच 14 सूत्रीय समझौता है, जिसे शुक्रवार को हस्ताक्षरित किया जाएगा। इसमें सैन्य कार्रवाई रोकने, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने, परमाणु हथियार न बनाने और 300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण कोष की बात कही गई है।

समझौते के तहत ईरान को कितने दिनों में अंतिम सौदा करना होगा?

दोनों पक्षों को अधिकतम 60 दिनों के भीतर अंतिम सौदे पर बातचीत करनी होगी, जिसे आपसी सहमति से बढ़ाया जा सकता है।

अमेरिका ने ईरान पर से प्रतिबंध हटाने का क्या वादा किया है?

अमेरिका ने ईरान पर लगे सभी प्रकार के प्रतिबंधों को समाप्त करने की प्रतिबद्धता जताई है, जिसकी समयसीमा अंतिम सौदे में तय होगी।

परमाणु मुद्दे पर क्या सहमति बनी है?

ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। दोनों पक्ष IAEA की निगरानी में ईरान की समृद्ध यूरेनियम सामग्री को 'ब्लेंडिंग ऑन साइट' के माध्यम से हटाने पर सहमत हुए हैं।

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