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G7 शिखर सम्मेलन 2026: मोदी-ट्रंप मुलाकात, भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चर्चा

G7 शिखर सम्मेलन 2026: मुख्य बिंदु फ्रांस के एवियन में चल रहे 52वें G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में भारतीय नाविकों…

G7 शिखर सम्मेलन 2026: मुख्य बिंदु

फ्रांस के एवियन में चल रहे 52वें G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में भारतीय नाविकों की सुरक्षा, रक्षा साझेदारी और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत को इस सम्मेलन में भागीदार देश के रूप में आमंत्रित किया गया है, जो 15 से 17 जून तक आयोजित है। यह G7 में भारत की 13वीं भागीदारी और प्रधानमंत्री मोदी की लगातार 7वीं भागीदारी है।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की द्विपक्षीय बैठक

बैठक की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप से कहा, "आपसे एवियन में मिलकर खुशी हुई। पिछले साल वाशिंगटन में हमारी बैठक बहुत उत्पादक रही थी, और तब से हमने अपने संबंधों को नई गति और ऊर्जा दी है।" ट्रंप ने भारत की अपनी यात्रा को याद करते हुए कहा कि उस समय एक नए स्टेडियम का उद्घाटन हुआ था, जिसमें 1.5 लाख लोग बैठ सकते हैं और 2.5 लाख लोग बाहर थे।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप से भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, "वैश्विक व्यापार मार्गों पर, जिनमें होर्मुज जलडमरूमध्य भी शामिल है, हजारों भारतीय नाविक कार्यरत हैं, जो वैश्विक प्रगति में योगदान दे रहे हैं। उनकी सुरक्षा हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।" ट्रंप ने इस मुद्दे पर सहमति जताई और कहा कि इस पर ध्यान दिया जाएगा।

रक्षा साझेदारी पर ट्रंप का बयान

NDTV से बातचीत में ट्रंप ने भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों पर कहा, "यह एक शानदार संबंध है। हालांकि हमारा कोई औपचारिक पारस्परिक रक्षा समझौता नहीं है, लेकिन अगर भारत पर हमला होता है और प्रधानमंत्री मोदी नेता हैं, तो हम मदद के लिए मौजूद रहेंगे।"

ट्रंप ने मोदी की तारीफ की

अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी एक टोटल किलर और सख्त व्यापारी हैं। वे शांत, कूल और टोटल किलर हैं।" ट्रंप ने यह भी कहा, "जब तक मैं राष्ट्रपति हूं, भारत का व्हाइट हाउस में एक महान मित्र है।"

यूक्रेन मुद्दे पर चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी ने G7 के दौरान यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से भी मुलाकात की और कहा, "भारत हमेशा शांति के पक्ष में रहेगा।" वहीं, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि G7 नेताओं ने माना कि रूस की ओर से शांति वार्ता में कोई वास्तविक इच्छा नहीं है। G7 नेताओं ने यूक्रेन के प्रति अपना समर्थन दोहराया और रूस पर प्रतिबंध बढ़ाने पर सहमति जताई।

जर्मन चांसलर से मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने पर संतोष व्यक्त किया। इस वर्ष दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं।

G7 का संयुक्त वक्तव्य

G7 नेताओं ने एक संयुक्त वक्तव्य जारी कर यूक्रेन के प्रति अटूट समर्थन व्यक्त किया और रूसी तेल एवं गैस क्षेत्रों पर प्रतिबंध बढ़ाने पर सहमति जताई। साथ ही, उन्होंने ईरान समझौते का स्वागत किया और होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम करने के प्रयासों का समर्थन किया।

ब्रिटेन में निवेश

ब्रिटिश सरकार ने G7 शिखर सम्मेलन में फ्रांसीसी और भारतीय कंपनियों से 1.3 बिलियन पाउंड के निवेश की घोषणा की, जो मुख्य रूप से बैटरी स्टोरेज और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं पर केंद्रित है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: G7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से क्या चर्चा की?

उत्तर: प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया, जो वैश्विक नाविकों का 10% हैं। दोनों नेताओं ने रक्षा साझेदारी और द्विपक्षीय सहयोग पर भी चर्चा की।

प्रश्न: ट्रंप ने भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों पर क्या कहा?

उत्तर: ट्रंप ने NDTV को बताया कि यदि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत पर हमला होता है, तो अमेरिका मदद के लिए तैयार रहेगा, हालांकि कोई औपचारिक पारस्परिक रक्षा समझौता नहीं है।

प्रश्न: क्या प्रधानमंत्री मोदी ने G7 में अन्य नेताओं से मुलाकात की?

उत्तर: हां, प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की और जर्मन चांसलर मर्ज से मुलाकात की। वे G7 की पारिवारिक फोटो और आउटरीच सत्रों में भी शामिल हुए।

प्रश्न: यूक्रेन पर G7 का रुख क्या था?

उत्तर: G7 नेताओं ने माना कि रूस शांति के लिए कोई वास्तविक इच्छा नहीं दिखा रहा है। उन्होंने यूक्रेन के प्रति समर्थन दोहराया और रूस पर प्रतिबंध बढ़ाने पर सहमति जताई।

निष्कर्ष

G7 शिखर सम्मेलन 2026 में प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी ने भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूत किया। भारतीय नाविकों की सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर चर्चा ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई दी। वहीं, यूक्रेन संकट पर G7 की एकजुटता ने शांति के प्रयासों को बल दिया।

स्रोत: www.ndtv.com

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