मुख्य तथ्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जून 2026 को फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन की आउटरीच बैठक में ग्लोबल साउथ के लिए एक वैश्विक कौशल गतिशीलता तंत्र और आर्थिक गलियारे का प्रस्ताव रखा। यह प्रस्ताव 'सभी के लिए संतुलित, साझा और सतत आर्थिक विकास को पुनर्जीवित करना' शीर्षक वाले सत्र के दौरान रखा गया।
विस्तार से जानकारी
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'IMEC की दृष्टि की तरह, क्या हम अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और प्रशांत द्वीप समूहों के देशों के साथ कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर काम कर सकते हैं?' IMEC (India Middle East Economic Corridor) परियोजना की घोषणा सितंबर 2023 में नई दिल्ली में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन में की गई थी, लेकिन पश्चिम एशिया में गाजा-इज़राइल संघर्ष और ईरान-अमेरिका-इज़राइल युद्ध के कारण इसमें देरी हुई है।
पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारी 'IMPACT' (International Mobilisation Partnership for Accelerating Connectivity and Trade) का सुझाव दिया, जो G7 देशों की पूंजी, भारत की प्रतिभा और ग्लोबल साउथ के देशों के स्वामित्व को जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि भारत और ग्लोबल साउथ के देशों में युवा प्रतिभा है, जबकि कई समाज वृद्ध हो रहे हैं। इस पूरकता का लाभ उठाने के लिए उन्होंने 'ग्लोबल स्किल्स पार्टनरशिप' का आह्वान किया, जो कौशल का मानचित्रण करेगी और विश्वसनीय कुशल गतिशीलता को बढ़ावा देगी।
प्रभाव और महत्व
प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया संकट के कारण ईंधन, उर्वरक और खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान ग्लोबल साउथ को लंबे समय तक प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा, 'यदि हम वास्तव में अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को मजबूत करना चाहते हैं, तो सबसे कमजोर देशों को इन संकटों का बोझ अकेले नहीं उठाना चाहिए।' उन्होंने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से ऐसी सहायता प्रणाली विकसित करने का आग्रह किया जो इन देशों को झटके सहने और आर्थिक लचीलापन बनाए रखने में मदद करे।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
- पीएम मोदी का प्रस्ताव ग्लोबल साउथ के देशों के लिए नए आर्थिक अवसर खोल सकता है।
- IMEC जैसी परियोजनाएं भारत की वैश्विक कनेक्टिविटी पहल को मजबूत करेंगी।
- कौशल गतिशीलता तंत्र भारतीय युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के अवसर बढ़ा सकता है।
- पश्चिम एशिया संकट का ग्लोबल साउथ पर गहरा प्रभाव पड़ेगा, जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
G7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने क्या प्रस्ताव रखा?
पीएम मोदी ने ग्लोबल साउथ के लिए एक वैश्विक कौशल गतिशीलता तंत्र और आर्थिक गलियारा (IMEC जैसा) विकसित करने का प्रस्ताव रखा।
IMEC परियोजना में देरी क्यों हुई?
IMEC परियोजना में पश्चिम एशिया में गाजा-इज़राइल संघर्ष और ईरान-अमेरिका-इज़राइल युद्ध जैसे कई संघर्षों के कारण देरी हुई।
पीएम मोदी ने IMPACT का क्या अर्थ बताया?
IMPACT का अर्थ है 'International Mobilisation Partnership for Accelerating Connectivity and Trade', जो G7 देशों की पूंजी, भारत की प्रतिभा और ग्लोबल साउथ के देशों के स्वामित्व को जोड़ता है।
पश्चिम एशिया संकट का ग्लोबल साउथ पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण ईंधन, उर्वरक और खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान लंबे समय तक ग्लोबल साउथ को प्रभावित करेगा।