प्रमुख तथ्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ संयुक्त ब्रीफिंग में हॉर्मूज़ जलडमरूमध्य में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लाखों भारतीय नाविक समुद्री क्षेत्र में काम करते हैं और उनकी सुरक्षा भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विस्तार से जानकारी
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से कहा, "लाखों भारतीय नाविक समुद्री क्षेत्र में काम करते हैं; मेरा मानना है कि उनकी सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।" उन्होंने उम्मीद जताई कि नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना ईरान के साथ किसी भी समझौते का एक प्रमुख हिस्सा होगा।
प्रभाव और महत्व
इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति बहाली के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के प्रयासों की सराहना की और संघर्ष के स्थायी समाधान की उम्मीद जताई। उन्होंने हॉर्मूज़ जलडमरूमध्य को खुला रखने और नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के महत्व पर भी जोर दिया।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- भारत के लाखों नाविक हॉर्मूज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर काम करते हैं।
- इस क्षेत्र में तनाव के कारण उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
- मोदी-ट्रंप की इस बैठक से भारत की चिंताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती मिली है।
FAQ
प्रधानमंत्री मोदी ने G7 शिखर सम्मेलन में क्या मुद्दा उठाया?
उन्होंने हॉर्मूज़ जलडमरूमध्य में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।
मोदी ने ट्रंप से क्या कहा?
मोदी ने कहा कि लाखों भारतीय नाविक समुद्री क्षेत्र में काम करते हैं और उनकी सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
पश्चिम एशिया में शांति बहाली और हॉर्मूज़ जलडमरूमध्य में नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना।
Source: www.hindustantimes.com