Desh Duniya | अनुपस्थिति

कर्मचारी का दायित्व है कि वह नियोक्ता को अपने पते की जानकारी दे: सुप्रीम कोर्ट

प्रमुख तथ्य सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि अपने पते की जानकारी नियोक्ता को देना कर्मचारी का कर्तव्य है। यदि कर्मचारी अपना पता बदलता है और नियोक्ता को सूचित नहीं करता…

प्रमुख तथ्य

सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि अपने पते की जानकारी नियोक्ता को देना कर्मचारी का कर्तव्य है। यदि कर्मचारी अपना पता बदलता है और नियोक्ता को सूचित नहीं करता है, तो नियोक्ता द्वारा पुराने पते पर भेजा गया नोटिस वैध माना जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि कर्मचारी अपनी लापरवाही का लाभ नहीं उठा सकता।

मामले का विवरण

यह फैसला नोएडा स्थित रिफिलिस इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड और उसके कर्मचारी अर्जुन गुप्ता के बीच विवाद में आया। अर्जुन गुप्ता 2006 से कंपनी में मोल्डर के रूप में कार्यरत थे। कंपनी के अनुसार, गुप्ता ने 14 मई 2012 को बिना किसी सूचना के काम पर आना बंद कर दिया। चार दिन बाद, कंपनी ने उनके पते पर रजिस्टर्ड डाक से नोटिस भेजा, जो उन्होंने नौकरी के समय दिया था (बिहार में स्थायी पता)।

कर्मचारी का दावा

गुप्ता ने दावा किया कि वह अपनी मां की गंभीर बीमारी के कारण छुट्टी पर गए थे और उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारी को मौखिक रूप से सूचित किया था। बाद में जब वह काम पर लौटना चाहते थे, तो उन्हें अनुमति नहीं दी गई।

निचली अदालतों का फैसला

यह मामला श्रम अदालत में पहुंचा, जिसने गुप्ता के पक्ष में फैसला सुनाया और उन्हें बहाली, बकाया वेतन और अन्य लाभ देने का आदेश दिया। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भी इस फैसले को बरकरार रखा, यह कहते हुए कि नियोक्ता ने नोटिस गुप्ता के स्थायी पते पर भेजा, न कि उस पते पर जहां वह उस समय रह रहे थे।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय के तर्क को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि नियोक्ता केवल उसी पते पर संवाद कर सकता है जो कर्मचारी ने दिया है। यदि कर्मचारी ने पता बदलने की सूचना नहीं दी, तो नियोक्ता को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

पीठ ने यह भी पाया कि गुप्ता ने अपनी मां की बीमारी का कोई दस्तावेजी सबूत नहीं दिया। उन्होंने छुट्टी के लिए कोई लिखित आवेदन नहीं किया और न ही अपनी अनुपस्थिति का कोई स्पष्टीकरण दिया। कोर्ट ने कहा, "यदि उनका स्पष्टीकरण सही होता, तो वे एक पत्र या लिखित सूचना भेज सकते थे। ऐसा न करके, वे केवल मौखिक दावे पर भरोसा नहीं कर सकते।"

फैसले का प्रभाव

सुप्रीम कोर्ट ने श्रम अदालत और उच्च न्यायालय के आदेशों को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि कर्मचारी बिना अधिकार के अनुपस्थित रहा, अपनी अनुपस्थिति के दौरान कोई लिखित संवाद नहीं किया, और काम पर लौटने का कोई प्रयास नहीं किया। यह फैसला कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश देता है कि वे अपने पते की जानकारी अपडेट रखें और छुट्टी के लिए लिखित आवेदन दें।

कर्मचारियों को क्या सीख लेनी चाहिए

  • अपने नियोक्ता को पता बदलने की तुरंत सूचना दें।
  • छुट्टी के लिए हमेशा लिखित आवेदन दें और उसकी प्रति रखें।
  • यदि आप अनुपस्थित हैं, तो नियोक्ता को लिखित रूप में सूचित करें।
  • मौखिक बातचीत पर निर्भर न रहें; दस्तावेजी सबूत रखें।

FAQ

क्या नियोक्ता को पता बदलने की सूचना देना कर्मचारी का कर्तव्य है?

हां, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पता बदलने की सूचना देना कर्मचारी का दायित्व है। यदि कर्मचारी ऐसा नहीं करता है, तो नियोक्ता द्वारा पुराने पते पर भेजा गया नोटिस वैध माना जाएगा।

क्या मौखिक रूप से छुट्टी लेना पर्याप्त है?

नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मौखिक रूप से छुट्टी लेना पर्याप्त नहीं है। कर्मचारी को लिखित रूप में छुट्टी का आवेदन देना चाहिए और उसकी पुष्टि के लिए दस्तावेज रखने चाहिए।

यदि कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित रहे तो क्या होगा?

यदि कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित रहता है और अपनी अनुपस्थिति का कोई लिखित प्रमाण नहीं देता है, तो नियोक्ता अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे मामले में कर्मचारी के पक्ष में फैसला नहीं दिया।

Follow us on Google News

Explore more

Chhattisgarh: Sand Mining Rivalry Turns Deadly, Man Burnt Alive in Korea District

Key Facts A violent clash over a sand mining dispute in Chhattisgarh’s Korea district has left one man dead and four others…

More on Desh Duniya from Himachal Pradesh

बस्तर में माओवाद विरोधी अभियान के नायक सुंदरराज पट्टिलिंगम बने nia के ig

मुख्य तथ्य केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 17 जून 2026 को IPS अधिकारी सुंदरराज पट्टिलिंगम को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का महानिरीक्षक (IG)…

सांसदों को 50 करोड़ का ऑफर, 15 करोड़ एडवांस: शिवसेना (ubt) में बगावत की अटकलों के बीच संजय राउत का बड़ा दावा

मुख्य तथ्य शिवसेना (UBT) में संभावित विभाजन की अटकलों के बीच वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बुधवार को बड़ा दावा किया है।…

भारत के जलाशयों में 102 गीगावॉट फ्लोटिंग सोलर की क्षमता: nise रिपोर्ट

मुख्य तथ्य राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE) की पहली व्यापक राष्ट्रीय मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, भारत के जलाशयों में लगभग 102 गीगावॉट…