मुख्य तथ्य
शिवसेना (UBT) में संभावित विभाजन की अटकलों के बीच वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बुधवार को बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ लोकसभा सांसदों को बड़ी रकम देकर पाला बदलने के लिए लुभाया जा रहा है।
संजय राउत का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय राउत ने कहा, "मुझे एक महत्वपूर्ण व्यक्ति का फोन आया। उन्होंने बताया कि सांसदों को 50 करोड़ रुपये का वादा किया गया है, जिसमें 15 करोड़ रुपये एडवांस के रूप में दिए जाएंगे। महाराष्ट्र में सांसद खरीदे जा रहे हैं।" इस मौके पर पार्टी के अन्य नेता अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे भी मौजूद थे।
पार्टी में बगावत की अटकलें
शिवसेना (UBT) के नौ लोकसभा सांसदों में से कथित तौर पर केवल तीन – अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे – उद्धव ठाकरे के साथ बने हुए हैं। बाकी सांसदों के पाला बदलने की संभावना से पार्टी में हलचल मची हुई है।
क्या है पूरा मामला?
हाल के दिनों में शिवसेना (UBT) के लोकसभा सांसदों के बीच असंतोष की खबरें आ रही थीं। संजय राउत के इस दावे ने पार्टी में फूट की आशंकाओं को और बढ़ा दिया है। हालांकि, अभी तक किसी सांसद ने खुले तौर पर पार्टी छोड़ने की घोषणा नहीं की है।
प्रभाव और आगे की संभावनाएं
अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर ला सकता है। शिवसेना (UBT) के लिए यह एक गंभीर चुनौती है, क्योंकि पार्टी पहले ही 2022 में हुए विभाजन से उबरने की कोशिश कर रही है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर सवाल उठ सकते हैं और पार्टी की लोकसभा में ताकत कम हो सकती है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- संजय राउत ने सांसदों को 50 करोड़ रुपये और 15 करोड़ एडवांस देने का आरोप लगाया है।
- शिवसेना (UBT) के नौ में से तीन सांसद ही उद्धव ठाकरे के साथ बताए जा रहे हैं।
- यह मामला महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
संजय राउत ने क्या दावा किया है?
उन्होंने दावा किया कि शिवसेना (UBT) के सांसदों को पार्टी छोड़ने के लिए 50 करोड़ रुपये और 15 करोड़ रुपये एडवांस का ऑफर दिया गया है।
शिवसेना (UBT) के कितने सांसद उद्धव ठाकरे के साथ हैं?
खबरों के अनुसार, नौ में से केवल तीन सांसद – अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे – उद्धव ठाकरे के साथ हैं।
यह घटनाक्रम कब सामने आया?
यह दावा 17 जून 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया गया।
Source: www.hindustantimes.com