मुख्य तथ्य
रूसी परमाणु ऊर्जा निगम रोसाटॉम ने तमिलनाडु के कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र (KKNPP) की पाँचवीं इकाई में रिएक्टर प्रेशर वेसल (RPV) की स्थापना 15 जून 2026 को पूरी कर ली। यह संयंत्र निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
स्थापना की प्रक्रिया
रोसाटॉम के अनुसार, यह स्थापना 'ओपन टॉप' विधि से की गई, जिसमें भारी-भरकम क्रेन की सहायता से रिएक्टर भवन के गुंबद के निर्माण से पहले ही उपकरण को स्थापित किया गया। यह विधि पहले भी कुडनकुलम परियोजना के दूसरे चरण में रूसी-भारतीय टीम द्वारा अपनाई जा चुकी है।
उपकरण का विवरण
रिएक्टर प्रेशर वेसल का निर्माण रोसाटॉम की मशीन-निर्माण शाखा के अंतर्गत वोल्गोडोंस्क (रोस्तोव क्षेत्र) स्थित अटॉमैश संयंत्र में किया गया। इसका वजन 300 टन है और इसे 2025 में कुडनकुलम निर्माण स्थल पर पहुँचाया गया था।
आगे की स्थापना
रिएक्टर वेसल की स्थापना के बाद अब संयंत्र के अन्य मुख्य उपकरणों — स्टीम जनरेटर, मुख्य परिसंचरण पंप, मुख्य परिसंचरण पाइपलाइन इकाइयाँ, दबाव कम्पेसाटर और आपातकालीन कोर कूलिंग सिस्टम के टैंक — की स्थापना शुरू होगी।
भारत-रूस सहयोग
ASE JSC में भारत परियोजनाओं के निदेशक मिखाइल नोविकोव ने कहा, “कुडनकुलम परियोजना की सफलता का रहस्य भारत और रूस के बीच दीर्घकालिक और फलदायी सहयोग है। भारतीय विशेषज्ञ रूसी डिजाइन पर आधारित चार बिजली इकाइयों का निर्माण और कमीशनिंग कर रहे हैं, जबकि दो और इकाइयाँ पिछले 10 वर्षों से बिजली उत्पादन कर रही हैं। यह दोनों देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करने वाली उत्कृष्ट टीमवर्क को दर्शाता है।”
प्रभाव और भविष्य की योजना
सभी छह इकाइयों के चालू होने पर कुडनकुलम परमाणु संयंत्र तमिलनाडु और अन्य राज्यों की बिजली आवश्यकताओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पूरा करेगा, जहाँ दक्षिणी ग्रिड के अनुसार बिजली आवंटित की जाएगी।
FAQ
कुडनकुलम परमाणु संयंत्र की पाँचवीं इकाई में रिएक्टर प्रेशर वेसल कब स्थापित किया गया?
रिएक्टर प्रेशर वेसल को 15 जून 2026 को स्थापित किया गया।
रिएक्टर प्रेशर वेसल का वजन कितना है और इसे कहाँ बनाया गया?
इसका वजन 300 टन है और इसे रूस के वोल्गोडोंस्क स्थित अटॉमैश संयंत्र में तैयार किया गया।
कुडनकुलम परमाणु संयंत्र की कितनी इकाइयाँ चालू हैं?
दो इकाइयाँ (यूनिट 1 और 2) पिछले 10 वर्षों से बिजली उत्पादन कर रही हैं, जबकि चार अन्य इकाइयाँ निर्माणाधीन हैं।
कुडनकुलम परमाणु संयंत्र के पूरी तरह चालू होने पर क्या लाभ होगा?
सभी छह इकाइयों के चालू होने पर यह संयंत्र तमिलनाडु और अन्य राज्यों की बिजली आवश्यकताओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पूरा करेगा।
Source: timesofindia.indiatimes.com