प्रमुख तथ्य
इम्फाल के रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) में भर्ती तीन घायल कुकी युवकों को बुधवार (17 जून, 2026) को देर रात सुरक्षित स्थानांतरित कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम सुरक्षा कारणों से उठाया गया।
विस्तार से जानकारी
ये तीनों युवक सोमवार (15 जून) को कांगपोकपी जिले में प्रतिद्वंद्वी सशस्त्र जनजातीय समूहों के बीच हुई गोलीबारी में घायल हुए थे। उन्हें सुरक्षा बलों द्वारा RIMS लाया गया था। घायलों की पहचान गेनलेनमैंग वैफेई (18), लुनलियांदाव वैफेई (20) और पाओगौ लाल (18) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि इनमें से एक फुटबॉलर है जो मोहन बागान के लिए खेल चुका है।
स्थानांतरण की प्रक्रिया
रात 12:15 बजे के आसपास, तीनों घायलों को कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल से बाहर निकाला गया। सुरक्षा बलों ने एम्बुलेंस को एस्कॉर्ट किया और वे चुराचांदपुर जिले की ओर जाते देखी गईं। हालांकि, अधिकारियों ने गंतव्य का खुलासा नहीं किया है।
प्रदर्शन और सुरक्षा बलों की कार्रवाई
मंगलवार (16 जून) की रात, सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को अस्पताल परिसर में घुसने से रोका। प्रदर्शनकारी तीनों युवकों को अपने हवाले करने की मांग कर रहे थे। उन्होंने RIMS गेट पर सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किया, जिसके जवाब में बलों ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया।
पृष्ठभूमि
सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि तीनों युवक 'उग्रवादी' हैं और वे लेइलोन वैफेई गांव के पास सुबह 6 बजे हुई गोलीबारी में घायल हुए थे। लेइलोन वैफेई वही गांव है जहां से 13 मई को नागा जनजाति के छह लोगों का अपहरण किया गया था। उनके शव 10 जून को बरामद हुए थे।
प्रभाव और आगे की कार्रवाई
इस घटना ने मणिपुर में जातीय तनाव को फिर से हवा दी है। सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। अधिकारियों ने कहा कि घायलों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है और उनका इलाज जारी है।
पाठकों को क्या जानना चाहिए
- तीनों घायल कुकी समुदाय के हैं और कांगपोकपी जिले में गोलीबारी में घायल हुए थे।
- उन्हें सुरक्षा कारणों से RIMS से दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।
- प्रदर्शनकारियों ने उन्हें 'उग्रवादी' बताकर इलाज का विरोध किया।
- यह घटना मणिपुर में जारी जातीय हिंसा की पृष्ठभूमि में हुई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तीन घायल कुकी युवकों को कहां स्थानांतरित किया गया?
अधिकारियों ने गंतव्य का खुलासा नहीं किया है, लेकिन एम्बुलेंस चुराचांदपुर जिले की ओर जाते देखी गईं।
प्रदर्शनकारी क्यों अस्पताल के बाहर जमा हुए थे?
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि तीनों युवक 'उग्रवादी' हैं और उन्हें इलाज से वंचित किया जाना चाहिए।
ये युवक किस समुदाय से हैं?
ये तीनों कुकी समुदाय से हैं।