प्रमुख तथ्य
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए एक बड़ी चुनौती सामने आई है, जब उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कम से कम 20 लोकसभा सांसदों ने विद्रोह कर दिया है। इन सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय की घोषणा की है, जो भाजपा नीत NDA को मजबूत करेगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस विलय पर अंतिम निर्णय टाल दिया है और TMC नेतृत्व से मुलाकात करने की योजना बनाई है।
विलय प्रक्रिया में देरी
लोकसभा सचिवालय ने सोमवार को TMC के लोकसभा फ्लोर लीडर अभिषेक बनर्जी को पत्र लिखकर बैठक का प्रस्ताव दिया था। अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर से पार्टी के किसी भी गुट को मान्यता न देने की अपील की थी। प्रस्तावित बैठक सोमवार शाम 4 बजे थी, लेकिन अभिषेक बनर्जी उस समय प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पूछताछ में व्यस्त थे। अब स्पीकर इस सप्ताह बाद में उनसे मिलने वाले हैं। सूत्रों के अनुसार, स्पीकर ममता बनर्जी से भी मिल सकते हैं।
विद्रोह की पृष्ठभूमि
यह संकट तब शुरू हुआ जब TMC हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में भाजपा से करारी हार के बाद सत्ता से बाहर हो गई। चुनाव परिणामों के कुछ ही हफ्तों बाद, 59 विधायकों ने अलग गुट बनाकर रितब्रत बनर्जी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में समर्थन दिया। इसके बाद, वरिष्ठ TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी पदों से इस्तीफा दे दिया और 8 जून को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की।
विलय का प्रभाव
यदि विलय को मंजूरी मिल जाती है, तो NDA की लोकसभा में संख्या 294 से बढ़कर 314 हो जाएगी, जो दो-तिहाई बहुमत (360) से 46 सीटें कम है। राज्यसभा में NDA 155 सीटों तक पहुंच सकता है, जो दो-तिहाई से केवल 8 सीटें कम है। यह सरकार के लिए संवैधानिक संशोधनों को पारित करना आसान बना सकता है।
NCPI में भ्रम
विलय को लेकर NCPI में भी भ्रम की स्थिति है। पार्टी के कुछ नेताओं ने कहा कि उन्हें विलय के बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं मिली है। काकोली घोष ने ज्योतिप्रकाश चटर्जी को NCPI का नया अध्यक्ष घोषित किया, लेकिन पार्टी के अन्य नेताओं ने इसकी पुष्टि नहीं की।
अभिषेक बनर्जी पर जांच
इस बीच, TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी कई जांचों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को पश्चिम बंगाल अपराध जांच विभाग (CID) में एक FIR के सिलसिले में पेशी दी, जिसमें उन पर चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। इसके अलावा, वह प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में ED की पूछताछ का भी सामना कर रहे हैं।
FAQ
TMC के कितने सांसदों ने विद्रोह किया है?
कम से कम 20 TMC सांसदों ने विद्रोह कर NCPI में विलय की घोषणा की है।
NCPI क्या है?
NCPI (नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया) त्रिपुरा स्थित एक छोटी राजनीतिक पार्टी है, जिसका गठन 2022 में हुआ था।
विलय से NDA को क्या फायदा होगा?
विलय के बाद NDA की लोकसभा में संख्या 294 से बढ़कर 314 हो जाएगी, जो दो-तिहाई बहुमत से 46 सीटें कम है। राज्यसभा में NDA 155 सीटों तक पहुंच सकता है।
लोकसभा अध्यक्ष ने फैसला क्यों टाला?
स्पीकर ओम बिरला ने TMC नेतृत्व को सुनने का निर्णय लिया है, इसलिए विलय पर मंजूरी टाल दी गई है।