मंत्री ने पदभार लेने से किया इनकार
कर्नाटक के नवविस्तारित मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा शपथ ग्रहण समारोह के एक सप्ताह बाद भी नहीं हो पाया है। बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने तब तक पदभार संभालने से इनकार कर दिया है जब तक सरकार शहर के प्रमुख नियोजन संस्थानों पर उनके अधिकार क्षेत्र की सीमा तय नहीं कर देती।
गौड़ा की मांग: BDA और BMRDA पर नियंत्रण
गौड़ा ने बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (BDA) और बेंगलुरु महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BMRDA) दोनों पर नियंत्रण की मांग की है। उनका तर्क है कि बेंगलुरु विकास विभाग शहर की योजना और विकास के लिए जिम्मेदार एजेंसियों के बिना प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सकता। वर्तमान में, गौड़ा को ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण, पांच नगर निगम, बेंगलुरु जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड (BWSSB) और नम्मा मेट्रो सौंपा गया है, जबकि BDA और BMRDA मुख्यमंत्री के नियंत्रण में हैं।
मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद भी अनिश्चितता
गौड़ा ने समाधान के लिए नई दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात की और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ चर्चा की, लेकिन कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। गौड़ा ने कहा, "मैंने मुख्यमंत्री को सभी मुद्दों के बारे में आश्वस्त किया है। उन्होंने कहा है कि समस्या का समाधान हो जाएगा। अगले दो दिनों में सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।"
गौड़ा का स्पष्टीकरण: अधिकार नहीं, जिम्मेदारी
गौड़ा ने कहा कि उनकी स्थिति अधिकार विवाद नहीं, बल्कि जवाबदेही पर आधारित है। उन्होंने कहा, "मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं असंतुष्ट नहीं हूं। मुख्यमंत्री और पार्टी ने मुझे बेंगलुरु विकास की जिम्मेदारी दी है। मैं इसे शक्ति के रूप में नहीं देखता, बल्कि लोगों की अपेक्षाओं के कारण यह एक बड़ी जिम्मेदारी है।" उन्होंने कहा कि आवश्यक संस्थागत ढांचे के बिना पदभार लेना असंभव होगा।
विपक्ष का हमला
इस अनसुलझे मामले ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका दिया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने कहा कि मंत्रिमंडल आंतरिक बातचीत में उलझा है जबकि हाल की बारिश के बाद नागरिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने पूछा कि जब मंत्रियों को पूर्ण अधिकार नहीं दिए जाते तो उन्हें क्यों नियुक्त किया जाता है।
FAQ
कृष्णा बायरे गौड़ा ने पदभार क्यों नहीं लिया?
उन्होंने बेंगलुरु विकास विभाग के तहत BDA और BMRDA पर नियंत्रण की मांग की है, जो अभी मुख्यमंत्री के पास है। स्पष्टता न होने तक उन्होंने पदभार लेने से इनकार किया।
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने इस पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने समस्या को हल करने का आश्वासन दिया है। गौड़ा ने कहा कि दो दिनों में सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।
विपक्ष ने इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया दी?
विपक्ष के नेता आर अशोक और भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने सरकार पर आंतरिक कलह में उलझने और बेंगलुरु की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।