मुख्य तथ्य
पुणे स्थित विंड टर्बाइन निर्माता कंपनी सुजलॉन एनर्जी ने सोमवार (15 जून) को कर्नाटक के विजयनगर जिले में भारत के सबसे बड़े विंड टर्बाइन S175 (5 MW) की स्थापना की घोषणा की। यह टर्बाइन 160 मीटर ऊंचे हाइब्रिड लैटिस टावर और 247.5 मीटर की ब्लेड टिप ऊंचाई के साथ देश का सबसे ऊंचा विंड टर्बाइन है।
विस्तार से जानकारी
कंपनी के अनुसार, S175 को सुजलॉन के मौजूदा 15.5 GW टर्बाइन बेड़े के 30 वर्षों से अधिक के परिचालन अनुभवों के आधार पर इंजीनियर किया गया है। यह भारत का पहला FDRE-रेडी (फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी) टर्बाइन है, जो नए विंड फ्रंटियर्स को खोलता है और ऊर्जा संक्रमण में पवन ऊर्जा की भूमिका को बढ़ाएगा।
प्रभाव और महत्व
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा, "S175 5 MW टर्बाइन का लॉन्च घरेलू और वैश्विक स्तर पर हमारी पवन ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में काफी मददगार होगा। यह अगली पीढ़ी का टर्बाइन उन्नत स्वच्छ ऊर्जा नवाचार में भारत की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।"
सुजलॉन ग्रुप के कार्यकारी उपाध्यक्ष गिरीश टांटी ने कहा, "इसकी सबसे बड़ी सफलता केवल ऊर्जा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि नहीं है, बल्कि पहले से अनुपयोगी पवन साइटों को व्यवहार्य बनाने की इसकी क्षमता है, जिससे पवन संबोधित बाजारों का विस्तार होता है।"
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- S175 टर्बाइन कम से मध्यम पवन क्षेत्रों में उच्च ऊर्जा उत्पादन और बेहतर प्रोजेक्ट इकोनॉमिक्स प्रदान करेगा।
- यह भारत की पवन ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने और नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेगा।
- टर्बाइन की स्थापना से विजयनगर जिले में स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Suzlon S175 टर्बाइन की ऊंचाई कितनी है?
Suzlon S175 टर्बाइन की टावर ऊंचाई 160 मीटर और ब्लेड टिप ऊंचाई 247.5 मीटर है, जो इसे भारत का सबसे ऊंचा विंड टर्बाइन बनाती है।
Suzlon S175 टर्बाइन की क्षमता कितनी है?
Suzlon S175 टर्बाइन की क्षमता 5 MW है, जो इसे भारत का सबसे शक्तिशाली विंड टर्बाइन बनाती है।
Suzlon S175 टर्बाइन कहां स्थापित किया गया है?
यह टर्बाइन कर्नाटक के विजयनगर जिले में स्थापित किया गया है।
Suzlon S175 टर्बाइन की खासियत क्या है?
यह भारत का पहला FDRE-रेडी टर्बाइन है, जो कम हवा वाले क्षेत्रों में भी बिजली उत्पादन को संभव बनाता है और पहले से अनुपयोगी साइटों को व्यवहार्य बनाता है।