प्रमुख तथ्य
आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू (एएसआर) जिले में प्रस्तावित जलविद्युत परियोजनाओं के खिलाफ आदिवासी गिरिजन संघम ने सोमवार को पादेरू में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्ट्रेट के सामने धरना दिया और परियोजना से संबंधित समझौतों को रद्द करने की मांग की।
प्रदर्शन का विवरण
खराब मौसम के बावजूद, प्रदर्शनकारी सरकारी जूनियर कॉलेज मैदान से आरटीसी मुख्य सड़क होते हुए कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाले। संघम के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पी. अप्पाला नरसा ने आरोप लगाया कि सर्वेक्षण और खोजपूर्ण ड्रिलिंग ग्राम सभाओं की सहमति के बिना की जा रही है, जो पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम, पंचायती राज अधिनियम और संविधान की पांचवीं अनुसूची का उल्लंघन है।
राज्य महासचिव के. सुरेंद्र ने परियोजना अधिकारियों पर आदिवासियों को धमकाने और विरोध दबाने के लिए गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया। जिला सचिव पी. बालदेव ने कहा कि कलेक्टर कार्यालय एकतरफा प्रचार कर रहा है, पर्यावरणीय चिंताओं और सार्वजनिक आपत्तियों को नजरअंदाज कर रहा है, और पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (ईआईए) और सामाजिक प्रभाव आकलन (एसआईए) रिपोर्ट जारी नहीं कर रहा है। अनंतगिरी जेडपीटीसी सदस्य दासारी गंगराजू ने भी चिंता जताई।
प्रशासन का रुख
एएसआर जिला कलेक्टर टी. निशांति ने प्रदर्शन के जवाब में कहा कि प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी सर्वेक्षण या क्षेत्रीय गतिविधि से पहले समन्वय, पूर्व सूचना और समुदाय से परामर्श सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों द्वारा उठाई गई चिंताओं की जांच की जाएगी और औपचारिक रूप से सरकार के ध्यान में लाया जाएगा। सभी गतिविधियां लागू कानूनों और नीतियों के अनुरूप होंगी, स्थानीय समुदायों के हितों और अनुसूचित क्षेत्रों की विशेष स्थिति को ध्यान में रखते हुए। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने का आग्रह किया और कहा कि जिला प्रशासन पारदर्शिता, निरंतर परामर्श और शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
आगे की योजना
संघम ने घोषणा की कि वह 16 और 17 जून को गांवों में परियोजना से संबंधित सरकारी सर्कुलर जलाएगा, और 25 जून को अरकू में परियोजना विरोधी समिति की बैठक होगी।
प्रभाव और विश्लेषण
यह विरोध अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी अधिकारों और पर्यावरणीय चिंताओं को उजागर करता है। ग्राम सभाओं की सहमति के बिना विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का मुद्दा कानूनी और सामाजिक रूप से संवेदनशील है। प्रशासन का आश्वासन सकारात्मक है, लेकिन संघम की आगामी कार्रवाइयां तनाव बढ़ा सकती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- प्रदर्शन का मुख्य कारण क्या था? आदिवासी गिरिजन संघम ने बिना ग्राम सभा की सहमति के सर्वेक्षण और ड्रिलिंग का आरोप लगाते हुए परियोजना को रद्द करने की मांग की।
- प्रशासन ने क्या आश्वासन दिया? जिला कलेक्टर ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में कोई भी गतिविधि पूर्व सूचना और समुदाय की सहमति से ही होगी।
- संघम ने आगे क्या कार्रवाई की घोषणा की? 16 और 17 जून को गांवों में सरकारी सर्कुलर जलाने और 25 जून को अरकू में बैठक की घोषणा की।