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कांग्रेस में फूट: मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन की अस्वीकृति से पार्टी में हलचल

मुख्य तथ्य 9 जून, 2026 को मध्य प्रदेश विधानसभा में रिटर्निंग ऑफिसर ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की तेलंगाना प्रभारी मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन को खारिज कर दिया। कारण था फॉर्म 26 में…

मुख्य तथ्य

9 जून, 2026 को मध्य प्रदेश विधानसभा में रिटर्निंग ऑफिसर ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की तेलंगाना प्रभारी मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन को खारिज कर दिया। कारण था फॉर्म 26 में एक आपराधिक मामले का खुलासा न करना। यह मामला 2022 में तेलंगाना में दर्ज एक निजी शिकायत से जुड़ा था, जिसमें नटराजन पर एक पार्टी पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप था।

विवरण

कांग्रेस का कहना है कि यह मामला एफआईआर या आपराधिक आरोप नहीं था, इसलिए खुलासा आवश्यक नहीं था। हालांकि, बीजेपी ने इसे जानबूझकर छिपाना बताया और पारदर्शिता का मुद्दा बनाया। बीजेपी ने तेलंगाना में अपने स्थानीय नेटवर्क के जरिए शिकायत का पता लगाया और रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष पेश किया। इस घटना ने कांग्रेस की आंतरिक जांच प्रणाली की कमजोरी को उजागर किया।

प्रभाव

इस घटना ने कांग्रेस में गुटबाजी के आरोपों को हवा दी। मध्य प्रदेश के एक मंत्री के बयान के बाद यह आरोप लगा कि यह 'अंदरूनी साजिश' थी। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इसे बीजेपी की राजनीतिक साजिश बताया और कहा कि बीजेपी 'वोट चोरी' से 'सीट चोरी' पर आ गई है। वहीं, बीआरएस ने कांग्रेस में 'बैकस्टैबिंग' का आरोप लगाकर पार्टी की आंतरिक एकता पर सवाल उठाए।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • यह घटना कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी को दर्शाती है।
  • बीजेपी ने अपनी राजनीतिक चपलता का प्रदर्शन किया।
  • बीआरएस ने इसे कांग्रेस के खिलाफ प्रचार में इस्तेमाल किया।
  • सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग में अपील के बावजूद नटराजन को राहत नहीं मिली।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन क्यों खारिज हुआ?

रिटर्निंग ऑफिसर ने फॉर्म 26 में एक आपराधिक मामले का खुलासा न करने के कारण नामांकन खारिज कर दिया। यह मामला 2022 में तेलंगाना में एक निजी शिकायत से जुड़ा था।

क्या मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक आरोप है?

नहीं, यह मामला उनके खिलाफ सीधे आपराधिक आरोप नहीं है, बल्कि एक पार्टी पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई न करने से संबंधित है। कांग्रेस का कहना है कि यह एफआईआर या आपराधिक आरोप नहीं था, इसलिए खुलासा आवश्यक नहीं था।

इस घटना से कांग्रेस को क्या नुकसान हुआ?

इससे कांग्रेस की आंतरिक जांच प्रणाली की कमजोरी उजागर हुई और पार्टी में गुटबाजी के आरोप लगे। बीजेपी और बीआरएस ने इसे कांग्रेस की अक्षमता और आंतरिक कलह के रूप में पेश किया।

बीजेपी ने इस मामले में क्या भूमिका निभाई?

बीजेपी ने तेलंगाना में स्थानीय नेटवर्क का उपयोग करते हुए शिकायत का पता लगाया और रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष प्रस्तुत किया। पार्टी ने इसे पारदर्शिता का मुद्दा बनाकर कांग्रेस पर दबाव बनाया।

स्रोत: www.thehindu.com

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