हिमाचल प्रदेश के नूरपुर की मालविका पठानिया को इंटैक का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चुना गया है। यह नियुक्ति इंटैक के अध्यक्ष अशोक ठाकुर द्वारा प्रस्तावित की गई थी और शासी परिषद के सदस्यों द्वारा समर्थित की गई थी। पठानिया ने हाल ही में 19 मार्च को आयोजित 41वें पैन-इंडिया चुनाव में परिषद में एक स्थान हासिल किया था, जहां उन्हें सबसे अधिक वोट मिले थे।
इंटैक और मालविका पठानिया का संबंध
अशोक ठाकुर ने पठानिया को उनकी नियुक्ति पर बधाई देते हुए उनके 42 साल के लगातार संबंध और विरासत संरक्षण के प्रति उनकी समर्पण की प्रशंसा की। उन्होंने पारंपरिक पुनर्जागरण, विरासत शिक्षा को बढ़ावा देने और वास्तुकला और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण में उनके योगदान को रेखांकित किया। इंटैक की स्थापना 1984 में हुई थी और यह दुनिया के सबसे बड़े विरासत संगठनों में से एक है, जो भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के लिए समर्पित है। यह देश भर में 200 से अधिक अध्यायों के माध्यम से काम करता है, जो वास्तुकला, प्राकृतिक, सामग्री और अमूर्त विरासत को संबोधित करता है।
मालविका पठानिया का योगदान
पठानिया इंटैक के साथ 1984 से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने 1984 से 2004 तक कांगड़ा अध्याय की संयोजक के रूप में कार्य किया और बाद में 2012 तक हिमाचल प्रदेश राज्य संयोजक के रूप में कार्य किया, इससे पहले कि उन्हें राज्य संयोजक नियुक्त किया गया था। उनके इस नियुक्ति से हिमाचल प्रदेश के लोगों में खुशी की लहर है।
इंटैक का महत्व
इंटैक का मुख्य उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण करना है। यह संगठन विरासत स्थलों के संरक्षण, पुनर्स्थापना और प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इंटैक के प्रयासों से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में मदद मिली है। मालविका पठानिया की नियुक्ति से इंटैक को और भी मजबूती मिलेगी और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में नए आयाम जोड़े जा सकेंगे।
अंत में, मालविका पठानिया की नियुक्ति इंटैक के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और यह हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए गर्व की बात है। हमें उम्मीद है कि पठानिया अपने नए पद पर stayed रहकर इंटैक को और भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।
English summary: Nurpur’s Maalvika Pathania has been elected as the national vice-chairperson of INTACH. Her name was proposed by INTACH chairman Ashok Thakur and seconded by members of the governing council. Pathania has been associated with INTACH since its inception in 1984 and has served in various capacities. She has been a strong advocate for heritage conservation and has worked tirelessly to promote and preserve India’s cultural and natural legacy. With her new role, Pathania is expected to take INTACH to new heights and continue her work in preserving India’s rich cultural heritage. META: हिमाचल प्रदेश की मालविका पठानिया INTACH की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चुनी गईं, विरासत संरक्षण में उनका योगदान महत्वपूर्ण है।