मेगा DSC घोटाले पर जगन का हमला
YSRCP प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने शनिवार को आंध्र प्रदेश में मेगा डिस्ट्रिक्ट सिलेक्शन कमेटी (DSC) भर्ती प्रक्रिया को 'सावधानीपूर्वक तैयार की गई घोटाले की नीति' बताया। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और शिक्षा मंत्री एन. लोकेश का 'डार्क ऑपरेशन' करार दिया, जिसने योग्य अभ्यर्थियों के जीवन को प्रभावित किया।
प्रमुख आरोप
जगन ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि आंध्र प्रदेश ने इतनी विनाशकारी भर्ती प्रक्रिया कभी नहीं देखी, जहां सुरक्षा उपायों को खत्म कर दिया गया और संस्थागत जांच को कमजोर कर भर्ती को पैसा कमाने का जरिया बना दिया गया। उन्होंने CBI जांच की मांग करते हुए कहा कि पूरी साजिश प्रश्न पत्र तैयार करने (SCERT द्वारा) और परीक्षा आयोजित करने (DSC कन्वीनर द्वारा) से शुरू हुई। परंपरागत रूप से ये जिम्मेदारियां अलग-अलग रखी जाती थीं, लेकिन सरकार ने DSC कन्वीनर को दरकिनार कर दोनों जिम्मेदारियां SCERT निदेशक को सौंप दीं, जिससे पारदर्शिता प्रभावित हुई।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का मुद्दा
जगन ने आरोप लगाया कि प्रश्न पत्र तैयार करने और अपलोड करने जैसे अत्यंत गोपनीय कार्य आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को सौंपे गए, जिससे दुरुपयोग की संभावना बढ़ गई। उन्होंने कहा, 'एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी का उसी परीक्षा में शीर्ष रैंक प्राप्त करना पेपर लीक का प्रत्यक्ष प्रमाण है।'
परिणाम घोषणा में पारदर्शिता का अभाव
पूर्व मुख्यमंत्री ने परिणाम घोषणा में पारदर्शिता की कमी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मेरिट सूची और मेरिट-कम-रोस्टर सूची कलेक्टर कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर नहीं लगाई गईं। सबसे चौंकाने वाला पहलू खेल कोटे से संबंधित था, जिसे लेकर उन्होंने गंभीर सवाल उठाए।
क्या है मेगा DSC?
मेगा DSC आंध्र प्रदेश में शिक्षकों की बड़ी संख्या में भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब परीक्षा में अनियमितताओं और प्रश्न पत्र लीक के आरोप लगे।
FAQ
मेगा DSC घोटाला क्या है?
यह आंध्र प्रदेश में शिक्षक भर्ती परीक्षा (DSC) से जुड़ा कथित घोटाला है, जिसमें प्रश्न पत्र लीक और अनियमितताओं के आरोप हैं।
जगन मोहन रेड्डी ने CBI जांच की मांग क्यों की?
उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं थी, प्रश्न पत्र तैयार करने और परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी एक ही व्यक्ति को दी गई, और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को गोपनीय कार्य सौंपे गए।
इस घोटाले में मुख्य आरोप किस पर हैं?
जगन मोहन रेड्डी ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और शिक्षा मंत्री एन. लोकेश पर घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया है।
स्रोत: www.thehindu.com