मुख्य तथ्य
यादगीर में पहली बार 'कल्याण कर्नाटक भजन मेलागला समावेश' का आयोजन 23 जून को सरकारी डिग्री कॉलेज में किया जाएगा। इस कार्यक्रम का आयोजन संत कवि कनकदास और तत्वपदकार अध्ययन केंद्र, बेंगलुरु; यादगीर जिला कन्नड़ साहित्य परिषद; और सरकारी डिग्री कॉलेज, यादगीर द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
कार्यक्रम का विवरण
केंद्र की समन्वयक सदस्य मीनाक्षी बाली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि प्रसिद्ध लेखक सिद्दाराम होनकल कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने कहा कि कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में तत्वपद साहित्य प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है और इस क्षेत्र का कन्नड़ साहित्य, चंपू साहित्य, कीर्तन, पुराणों और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में योगदान अत्यधिक रहा है।
डॉ. बाली ने बताया कि 18वीं शताब्दी में रामापुर बक्कप्पा, कडकोल मडिवालप्पा, खैनूर कृष्णप्पा, चेन्नूर जलालसाब, तेगलाबल रेवप्पा, कडलेवाड सिद्धप्पा, कुदलूर बसवलिंगप्पा, मोतनल्ली हसनसाब, महागांव मीरसाब, तिंतिनी मोनेश्वरी और कई अन्य लोगों ने स्थानीय और अनौपचारिक भाषा में तत्वपद लिखे, जिन्हें आम लोग आसानी से समझ सकते हैं।
युवाओं के लिए विशेष आह्वान
डॉ. बाली ने युवा पीढ़ी से तत्वपद को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने के महत्व को समझने और इस महान साहित्य के सार को जानने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से आठ गायन दल कार्यक्रम में भाग लेंगे, जो न केवल दर्शकों का मनोरंजन करेंगे बल्कि युवाओं में जागरूकता लाने और उन्हें तत्वपद की विभिन्न विधाओं की ओर आकर्षित करने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने आम जनता, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे इस कार्यक्रम में शामिल हों, जो यादगीर में पहली बार आयोजित किया जा रहा है।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कन्नड़ साहित्य परिषद के जिला अध्यक्ष सिद्धप्पा होट्टी, सुभाषचंद्र कौलागी, एस.एस. नाइक और भीमराय लिंगेरी उपस्थित थे।
FAQ
यह कार्यक्रम कब और कहाँ आयोजित होगा?
यह कार्यक्रम 23 जून को यादगीर के सरकारी डिग्री कॉलेज में आयोजित होगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को तत्वपद साहित्य से परिचित कराना और इस विधा के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
कार्यक्रम में कितनी टीमें भाग लेंगी?
कल्याण कर्नाटक क्षेत्र से आठ टीमें भजन प्रस्तुत करेंगी।
स्रोत: www.thehindu.com