मुख्य तथ्य
केंद्र सरकार ने सोमवार को डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) के निर्यात पर विंडफॉल गेन्स टैक्स बढ़ा दिया, जबकि पेट्रोल पर लेवी यथावत रखी गई है। यह बदलाव 16 जून से लागू होंगे।
नई दरें
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, डीजल निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) 13.5 रुपये से बढ़ाकर 14 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। ATF निर्यात पर SAED 9.5 रुपये से बढ़ाकर 12.5 रुपये प्रति लीटर किया गया है। पेट्रोल निर्यात पर दर 1.5 रुपये प्रति लीटर पर अपरिवर्तित है। घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पृष्ठभूमि
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सरकार ने 26 मार्च को डीजल और ATF पर निर्यात शुल्क लगाया था और हर पखवाड़े दरों की समीक्षा करती है। 16 मई को पेट्रोल पर भी निर्यात शुल्क लगाया गया। यह कदम ईंधन की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और निर्यातकों को युद्ध के कारण बढ़ी कीमतों का अनुचित लाभ उठाने से रोकने के लिए उठाया गया है।
प्रभाव
इस कदम से तेल कंपनियों पर निर्यात की तुलना में घरेलू बाजार में आपूर्ति बढ़ाने का दबाव पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ईंधन की कीमतों में स्थिरता आएगी और देश में पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित होगा।
FAQ
विंडफॉल टैक्स क्या है?
यह एक अतिरिक्त कर है जो सरकार तब लगाती है जब कंपनियों को अप्रत्याशित लाभ होता है, जैसे युद्ध या संकट के कारण तेल की कीमतें बढ़ने पर।
नई दरें कब से लागू होंगी?
ये दरें 16 जून 2026 से प्रभावी होंगी।
क्या पेट्रोल पर भी टैक्स बढ़ा है?
नहीं, पेट्रोल निर्यात पर SAED 1.5 रुपये प्रति लीटर पर यथावत है।
स्रोत: www.ndtv.com