हिमाचल प्रदेश: टैक्सी से मायके छोड़ने से इनकार पर पत्नी ने तोड़ा रिश्ता, कोर्ट ने सुनाया पति के हक में फैसला

हिमाचल प्रदेश: टैक्सी से मायके छोड़ने से इनकार पर पत्नी ने तोड़ा रिश्ता, कोर्ट ने सुनाया पति के हक में फैसला

हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से शहर में रहने वाले एक पति को देहरा स्थित फैमिली कोर्ट से न्याय मिला है। यह मामला एक ऐसे पति का है जिसकी शादी को महज 3 साल ही हुए थे और उसकी पत्नी ने उसे छोड़ दिया था। पत्नी का आरोप था कि पति ने उसे टैक्सी से मायके नहीं ले जाया, जो कि उसकी एकमात्र मांग थी।

विवाद की शुरुआत

इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब पत्नी ने पति से कहा कि वह अपने मायके जाना चाहती है और वह चाहती है कि पति उसे टैक्सी से ले जाए। पति ने इस मांग को पूरा नहीं किया, जिसके बाद पत्नी ने उसे छोड़ दिया और अपने मायके चली गई। इसके बाद पति ने कई बार पत्नी को मनाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी।

कोर्ट में मामला

पति ने अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए देहरा स्थित फैमिली कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद, न्यायाधीश ने पत्नी के व्यवहार को क्रूर और अस्वीकार्य माना और पति के हक में फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि पत्नी का व्यवहार पति के प्रति क्रूर था और उसने पति को लंबे समय से परित्याग किया था, जो कि विवाह के लिए आवश्यक नहीं था।

न्याय की जीत

इस फैसले से पति को बड़ी राहत मिली है। पति ने कहा कि वह अब अपने जीवन को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है और वह कोर्ट के फैसले का स्वागत करता है। यह मामला एक बार फिर से यह साबित करता है कि न्यायपालिका हमेशा न्याय के लिए खड़ी रहती है और वह उन लोगों को न्याय दिलाने के लिए हमेशा तैयार रहती है जिन्हें इसकी आवश्यकता होती है।

English Summary: A family court in Dehra, Himachal Pradesh, has provided justice to a husband who was abandoned by his wife due to a dispute over a taxi ride. The wife had demanded that the husband take her to her parents’ house in a taxi, which he refused. The court ruled in favor of the husband, stating that the wife’s behavior was cruel and unacceptable. The husband has welcomed the court’s decision and is now ready to move on with his life.

META: हिमाचल प्रदेश के देहरा में फैमिली कोर्ट ने एक पति को न्याय दिलाया जिसे पत्नी ने टैक्सी से मायके न ले जाने पर छोड़ दिया था।

Leave a Reply