मुख्य तथ्य
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में पार्टी छोड़ने वालों का सिलसिला जारी है। शुक्रवार (19 जून, 2026) को पूर्व मंत्री ज्योति प्रिया मल्लिक ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया। वह ममता बनर्जी के करीबी माने जाते थे।
विस्तार से जानकारी
ज्योति प्रिया मल्लिक को अक्टूबर 2023 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया था और जनवरी 2025 में 15 महीने की हिरासत के बाद रिहा किया गया। वह पांच बार के विधायक हैं और पहली बार उत्तर 24 परगना के गाईघाटा सीट से चुने गए थे। ममता बनर्जी ने भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद उन्हें टिकट दिया था और उन्हें अपना सबसे अच्छा मंत्री बताया था। 2026 के चुनाव में वह भाजपा के देबदास मोंडल से 31,000 से अधिक वोटों से हार गए।
मल्लिक ने कहा, "मैंने तृणमूल कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है क्योंकि पिछले कुछ महीनों में मेरी तबीयत काफी खराब हो गई है... जब आप काम नहीं कर सकते तो पद पर बने रहने का कोई मतलब नहीं है।"
अन्य इस्तीफे और गिरफ्तारियां
शुक्रवार को ही एक अन्य टीएमसी नेता नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने पश्चिम बर्धमान जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य को पत्र लिखकर खराब स्वास्थ्य के कारण इस्तीफा देने की जानकारी दी।
गौतम देब, जो ममता बनर्जी के करीबी और उत्तर बंगाल के प्रमुख नेता हैं, ने सिलीगुड़ी नगर निगम के महापौर पद से इस्तीफा दे दिया। वह उन पूर्व महापौरों की लंबी सूची में शामिल हो गए हैं जिनमें फिरहाद हकीम (कोलकाता), कृष्णा चक्रवर्ती (बिधाननगर) और उत्तम दास (बैरकपुर) शामिल हैं। हालांकि, देब ने कहा कि वह पार्टी से संबंध नहीं तोड़ेंगे और काम करते रहेंगे।
इस बीच, टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी भी जारी है। पूर्व तारकेश्वर विधायक रामेंदु सिन्हारॉय को कर्नाटक के बेलगावी में पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, वह सरकारी राहत सामग्री जमा करने, चावल चोरी और जबरन वसूली जैसे आरोपों से बच रहे थे।
पिछले छह हफ्तों में कई पूर्व विधायक और मंत्री, जिनमें उदयन गुहा भी शामिल हैं, गिरफ्तार किए जा चुके हैं। भाजपा के सत्ता में आने के बाद से सैकड़ों टीएमसी नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारियां भ्रष्टाचार और चुनावी हिंसा के आरोपों पर की गई हैं। कई जगहों पर स्थानीय लोगों ने गिरफ्तार नेताओं पर अंडे फेंके।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में बदलते राजनीतिक परिदृश्य को दर्शाता है। टीएमसी में लगातार इस्तीफे और गिरफ्तारियां पार्टी के लिए चुनौती बन सकती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- ज्योति प्रिया मल्लिक ने टीएमसी क्यों छोड़ी? उन्होंने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कहा कि पिछले कुछ महीनों में उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई है और वे काम नहीं कर पा रहे हैं।
- हाल के हफ्तों में टीएमसी छोड़ने वाले अन्य नेता कौन हैं? नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती (पश्चिम बर्धमान जिला अध्यक्ष), गौतम देब (सिलीगुड़ी महापौर), और पूर्व मंत्री उदयन गुहा शामिल हैं।
- क्या टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी जारी है? हां, पूर्व विधायक रामेंदु सिन्हारॉय को बेलगावी, कर्नाटक से गिरफ्तार किया गया है। उन पर सरकारी राहत सामग्री जमा करने, चावल चोरी और जबरन वसूली के आरोप हैं।
स्रोत: www.thehindu.com