प्रमुख तथ्य
केरल के वायनाड में हुई भीषण त्रासदी में लापता हुए हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के फतेहपुर उपमंडल निवासी प्रोजेक्ट मैनेजर विक्रम (50) का शव छठे दिन बरामद हो गया। विक्रम पुत्र रंजीत सिंह फतेहपुर की टकोली घिरथा पंचायत के सुरेला गांव के रहने वाले थे।
घटना का विवरण
विक्रम डीवीएल कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे और कंपनी के प्रोजेक्ट के सिलसिले में वायनाड में तैनात थे। 7 जुलाई 2026 की सुबह करीब 11:09 बजे के बाद उनका परिवार से संपर्क पूरी तरह टूट गया था। इसके बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की और 8 जुलाई को वे स्वयं वायनाड पहुंचे।
शव बरामदगी
12 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे सर्च अभियान के दौरान विक्रम का शव मिलने की सूचना मिली। विक्रम के भाई प्रमोद राणा ने इसकी पुष्टि की। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और उम्मीद है कि पार्थिव शरीर सोमवार देर शाम तक पैतृक गांव पहुंच जाएगा।
प्रभाव और शोक
शव मिलने की सूचना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। विक्रम अपने पीछे पत्नी, बेटा और बेटी छोड़ गए हैं। पिछले पांच दिनों से परिवार गहरे सदमे में था और घर में चूल्हा तक नहीं जला था। टकोली घिरथा पंचायत में शोक का माहौल है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वायनाड त्रासदी में कितने लोग लापता हुए थे?
इस घटना में कई लोग लापता हुए थे, जिनमें से एक हिमाचल के प्रोजेक्ट मैनेजर विक्रम भी शामिल थे।
विक्रम का शव कब और कहाँ मिला?
विक्रम का शव 12 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे वायनाड में सर्च अभियान के दौरान बरामद हुआ।
विक्रम के परिवार में कौन-कौन हैं?
विक्रम अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं।