प्रमुख तथ्य
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में एक युवक की पुलिस हिरासत में मौत के गंभीर आरोप लगे हैं। गडे साई कृष्णा (26) नामक युवक के परिवार ने आरोप लगाया है कि कृष्णालंका पुलिस स्टेशन में उसे प्रताड़ित कर मार डाला गया। इस मामले में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित सर्किल इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है।
पूरा मामला
गडे साई कृष्णा पिछले एक महीने से लापता था। उसकी मां गडे विजया लक्ष्मी ने बुधवार को मीडिया को बताया, "मेरे बेटे को पुलिस उठाकर कृष्णालंका थाने ले गई। वह तब से वापस नहीं आया।" उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके बेटे पर कुछ मामलों में शामिल होने का आरोप लगाकर उसे पीट-पीटकर मार डाला। जब वह थाने गईं तो सर्किल इंस्पेक्टर नागराजू ने उन्हें बताया कि साई कृष्णा मर चुका है और उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
पीड़ित के मामा नवरंग ने कहा, "क्या यह मैत्रीपूर्ण पुलिसिंग है? यदि साई कृष्णा जीवित है तो पुलिस उसे तुरंत हाई कोर्ट में पेश करे।" परिवार ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसके बाद कोर्ट ने 15 जून को साई कृष्णा को पेश करने का आदेश दिया था। पुलिस उसे पेश नहीं कर सकी, जिसके बाद कोर्ट ने 29 जून तक का समय दिया।
राजनीतिक बवाल
इस मामले ने राज्य में सियासी हलचल मचा दी है। YSRCP नेता केसिनेनी श्रीनिवास (नानी) ने स्वतंत्र जांच की मांग की है। वहीं पार्टी के एक अन्य नेता पेर्नी वेंकटरमैया (नानी) ने CBI जांच या सिटिंग जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच की बात कही।
आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष कोलानुकोंडा शिवाजी ने पुलिस पर FIR दर्ज न करने का आरोप लगाते हुए CCTV फुटेज और कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) को सुरक्षित रखने की मांग की।
सरकार की कार्रवाई
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री के. पवन कल्याण ने बुधवार को सचिवालय में DGP हरीश कुमार गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। मामले की गंभीरता को देखते हुए नायडू ने कृष्णालंका सर्किल इंस्पेक्टर नागराजू को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और मामले की जांच एक वरिष्ठ IPS अधिकारी को सौंपी जाएगी।
बैठक में मुख्य सचिव जी. साई प्रसाद, डीजी (इंटेलिजेंस) महेश चंद्र लड्डा और विजयवाड़ा पुलिस आयुक्त एस.वी. राजशेखर बाबू भी मौजूद थे।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
- यह मामला पुलिस हिरासत में मानवाधिकार उल्लंघन को उजागर करता है।
- परिवार को न्याय दिलाने के लिए सरकार ने त्वरित कार्रवाई की है।
- हाई कोर्ट की अगली सुनवाई 29 जून को होनी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गडे साई कृष्णा कौन थे?
गडे साई कृष्णा (26) विजयवाड़ा के कृष्णालंका क्षेत्र के निवासी थे, जो 29 मई से लापता थे। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया और मार डाला।
इस मामले में सरकार ने क्या कार्रवाई की?
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कृष्णालंका सर्किल इंस्पेक्टर नागराजू को निलंबित कर दिया और मामले की जांच एक वरिष्ठ IPS अधिकारी को सौंपी।
परिवार ने क्या मांग की है?
परिवार ने न्यायिक जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि साई कृष्णा जीवित हैं तो पुलिस उन्हें हाई कोर्ट में पेश करे।
विपक्षी दलों की क्या प्रतिक्रिया है?
YSRCP नेताओं ने CBI जांच या सिटिंग जज के नेतृत्व में न्यायिक जांच की मांग की है। कांग्रेस नेता ने CCTV फुटेज और CDR सुरक्षित रखने की बात कही।